
आगरा। अय़ोध्या विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हर कोई स्वागत कर रहा है। मनकामेश्वर मंदिर के महंत योगेश पुरी और शहर नायब काजी मोहम्मद उजैर आलम और मौलाना रिसायत अली ने प्रतिक्रिया दी है।
न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास सुदृढ़
मनकामेश्वर मंदिर के मंहत योगेश पुरी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला भारत के गंगा जमुनी तहजीब को आगे बढ़ाने वाला है। खुशी की बात यह है कि देश के हर व्यक्ति को फैसला मंजूर है। एक बार फिर भारत की न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास सुदृढ़ हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सम्मान
शहर नायब काजी मोहम्मद उजैर आलम ने कहा हम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सम्मान करते हैं, स्वागत करते हैं। सभी से दरखास्त करते हैं कि अदालते आलिया का एहतराम करते हुए सम्मान करें। आपसी मोहब्बत बनाए रखें क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय ने तथ्यों के आधार पर फैसला दिया है।
कौम से अपील
शहर नायब काजी मौलाना रिसायत अली ने कहा- सर्वोच्च न्यायालय का फैसला सर माथे है। हमें दिल से तसलीम है। हमारी कौम पूरे दिल से माने। सर्वोच्च न्यायालय पर यकीन करना जरूरी है। टीका टिप्पणी करना ठीक नहीं है।
क्या है फैसला
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने विवादित स्थल पर राम मंदिर बनाने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिया है। राम मंदिर पर विश्व हिन्दू परिषद अपना एकाधिकार मानता था, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि ट्रस्ट को राम मंदिर बनाने का काम दिया जाए। ट्रस्ट बनाने का काम तीन माह के अंदर केन्द्र सरकार को करना है। हर कोई सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत कर रहा है।
Published on:
09 Nov 2019 12:44 pm

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