
यूपी में फिल्म सिटी के लिए मथुरा और आगरा सबसे बेहतर जगह, कई फिल्मों की हो चुकी है शूटिंग
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिल्म सिटी बनाने की घोषणा की है तो आगरा और मथुरा सहित पूरे ब्रज के लोगों में उम्मीद जग गई है कि यह सौगात उनके हिस्से आ सकती है। वजह यह है कि फिल्म और सीरियल की शूटिंग के लिए जितनी शानदार लोकेशन ब्रज में है, उतनी कहीं और नहीं। बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक यहां शूटिंग करते भी रहे हैं। ताजनगरी और मथुरा में हर साल 10 से 20 डॉक्यूमेंट्री, सीरियल, म्यूजिक एलबम की शूटिंग होती है। तीन से चार फिल्मों की शूटिंग की जा चुकी है। अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, अक्षय कुमार, संजय दत्त जैसे अभिनेता यहां शूटिंग कर चुके हैं। एश्वर्या राय, कैटरीना कैफ, रानी मुखर्जी भी शूटिंग के लिए आ चुकी हैं। पौराणिक, एतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक दृश्यों के लिए यहां लोकेशन हैं। आगरा और मथुरा में शानदार होटलों की भी कमी नहीं है।
इन फिल्मों की हो चुकी शूटिंग
1960 में बनी फिल्म मुगल-ए-आजम के पहले ही सीन में फतेहपुर सीकरी का दरवाजा नजर आता है। इसके बाद पंचमहल, अनूप तालाब और बादशाह जलालुद्दीन मोहम्मद की ख्वाबगाह। अगले सीन में प्रथ्वीराज कपूर (अकबर) सलीम चिश्ती की दरगाह पर नजर आते हैं। फिल्मों में ताजनगरी की यह बानगी भर है। तमाम फिल्मों की शूटिंग यहां हुई है। इनमें बंटी और बबली, सलाम ए इश्क, दिल्ली 6, नमस्ते लंदन, तेरा जादू चल गया, गरम हवा, ड्रीम गर्ल, तेवर, यमला पगला दीवाना, जोधा अकबर, भूमि, नेम शेक, स्लमडॉग मिलेनियर, रूह अफजा, एक दीवाना था, जींस, समय 02, ढीठ पतंगें, किटी पार्टी, जॉनी मस्ताना, यंगिस्तान, मेरे ब्रदर की दुल्हन, बेवफा, परदेस, तेरे नाम, शहीद भगत सिंह प्रमुख हैं। भूमि की तो 80 फीसदी से ज्यादा शूटिंग आगरा की है। फिल्म टॉयलेट की शूटिंग मथुरा के बरसाना में हुई। लुका छिपी की शूटिंग वृंदावन में हुई।
ताज से लेकर चंबल की वादियां तक शूटिंग के लिए खास जगह
फिल्मों की शूटिंग के लिए सिर्फ मोहब्बत की निशानी ताजमहल ही नहीं और भी जगह हैं। महताब बाग, आगरा किला, एत्माद्दौला, सिकंदरा, फतेहपुर सीकरी, सेंट जोंस कालेज, स्ट्रेची ब्रिज, होलीपुरा, बटेश्वर, चंबल के बीहड़, कैलाश मंदिर का यमुना किनारा, कीठम झील, यमुुना और चंबल की नदियां... एक ही जिले में शूटिंग की इतनी जगह और भला कहां मिलेंगी। मथुरा में यमुना के घाट, प्राचीन मंदिर शूटिंग के लिए बेहद खास हैं। ताजनगरी और आसपास का क्षेत्र टीटीजेड में है। यहां सिर्फ गैर प्रदूषणकारी उद्योग लगाए जा सकते हैं। फिल्म सिटी ऐसा ही उद्योग होगा। इसकी स्थापना यहां की जा सकती है।
थीम पार्क के लिए अधिगृहीत की गई थी जमीन
अन्य उद्योग बंद हैं, इसलिए फिल्म सिटी से ही यहां विकास होगा। पूर्ववर्ती सपा सरकार के दौरान यहां थीम पार्क के लिए जमीन अधिगृहीत की गई थी। इस पर थीम पार्क नहीं बना। यहां फिल्म सिटी बनाई जा सकती है। आगरा सांस्कृतिक धरोहरों का शहर है। यहां का माहौल शांत है। जगह रमणीय हैं। फिल्म सिटी को थीम पार्क की जमीन पर बनाया जा सकता है। यहां लंबी-चौड़ी जमीन उपलब्ध है। जिस उद्देश्य से यह जमीन ली गई थी, वह भी पूरा हो जाएगा। टीटीजेड के कारण पिछड़ चुके आगरा के उद्योगों के लिए भी गैर-प्रदूषित उद्योग के रूप में विकल्प तैयार होगा।
Published on:
22 Sept 2020 10:32 am
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