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मायावती के लिए कांटों भरी हैं ये सीटें, चुनावों में लगातार घटा ग्राफ, सीटों पर रहा ये हाल

लोकसभा चुनाव 2014 ब्रज की आगरा, फतेहपुरसीकरी, मथुरा, अलीगढ़ सहित कई सीटों पर दूसरे स्थान पर थे मायावती के लड़ाके, पिछले चुनावों से गिरता रहा वोट, लोकसभा चुनाव में जीतना मायावती के लिए बड़ी चुनौती, पिछले दो चुनावों जमानत भी नहीं बचा सके कई प्रत्याशी

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आगरा

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Abhishek Saxena

Oct 06, 2018

mayawati

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आगरा। मायावती उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव में गठबंधन का हिस्सा होंगी या नहीं ये अभी तय नहीं है। लेकिन, दो लोकसभा चुनावों में मायावती को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। ब्रज में चली मोदी लहर में मायावती का ग्राफ ऐसा गिरा कि कई स्थानों पर तीसरे नंबर रहना पड़ा। वहीं कुछ सीटें ऐसी भी है जहां मायावती की पार्टी अपना खाता खोलने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रही है। ब्रज की सीटों के आंकड़े मायावती के लिए चौंकाने वाले हैं। इस लोकसभा चुनाव में मायावती को इन पर गौर करना पड़ेगा।

फतेहपुरसीकरी लोकसभा सीट पर 2009 में ये था हाल
पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की पत्नी सीमा उपाध्याय ने कांग्रेस पार्टी के राजबब्बर को हराया था। सीमा उपाध्याय को 2,09,466 वोट मिले थे, करीब 30.19 प्रतिशत थे। वहीं राजबब्बर को 1,99,530 मत प्राप्त हुए थे जो 28.75 प्रतिशत थे। भारतीय जनता पार्टी के राजा महेंद्र अरिदमन सिंह तीसरे स्थान पर थे, उन्हें 1,54,373 वोट मिले थे। भाजपा का वोट प्रतिशत 22.25 था। मोदी लहर में लोकसभा 2014 में भारतीय जनता पार्टी के चौधरी बाबूलाल को 4,26,589 वोट मिले थे, वहीं सीमा उपाध्याय 2,53,483 वोट लेकर दूसरे स्थान पर थीं।

आगरा लोकसभा सुरक्षित पर सीट पर ये रही थी स्थिति
लोकसभा चुनाव 2009 में भारतीय जनता पार्टी के प्रो.रामशंकर कठेरिया ने जीत हासिल की थी। रामशंकर कठेरिया को 2,03,697 वोट मिले थे। वहीं दूसरे स्थान पर कुंवर चंद्र वकील बहुजन समाज पार्टी से थे, उन्हें 1,93,982 मत प्राप्त हुए थे। उनका वोट प्रतिशत 29.98 जो पिछले चुनाव से +2.88 था। तीसरे स्थान पर समाजवादी पार्टी के रामजीलाल सुमन को 1,41,367 वोट मिले थे, सपा का प्रतिशत -15.97 घटा था और उसे 21.85 प्रतिशत वोट मिले। वहीं 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी जीत हासिल हुई थी। डॉ.रामशंकर कठेरिया 5,83,716 वोट से जीते थे। लेकिन बसपा मोदी लहर में भी दूसरे स्थान पर थी। नारायण सिंह सुमन को 2,83,453 वोट मिले थे।

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मथुरा में रहा था कांटे का मुकाबला
मथुरा लोकसभा में 2009 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को करारी हार मिली थी। यहां रालोद के जयंत चौधरी ने जीत हासिल की थी। लेकिन, मायावती की पार्टी श्याम सुंदर शर्मा जयंत को टक्कर दे रहे थे। जयंत को 3,79,870 वोट मिले जबकि श्याम सुंदर शर्मा को 2,10,257 वोट हासिल हुए। वहीं 2014 के लोकसभा चुनाव में हेमा मालिनी ने 5,74,633 वोट हासिल कर सभी का गणित बिगाड़ दिया था। यहां दूसरे स्थान पर RLD से जयंत चौधरी 2,43,890 वोट ला सके।

अलीगढ़ में फिसली जीत
अलीगढ़ में 2009 के लोकसभा चुनाव में जहां बसपा के राजकुमारी चौहान ने जीत हासिल की वहीं 2014 में भाजपा के सतीश कुमार गौतम जीते। लेकिन, दिलचस्प मुकाबला बसपा के साथ ही रहा। बसपा के अरविंद कुमार सिंह को यहां 2,27,886 वोट मिले।

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एटा में हाथ लगी निराशा
मायावती के लिए एटा लोकसभा सीट चुनौती भरी रही है। एटा लोकसभा सीट पर पिछले लोकसभा चुनावों के आंकड़ों पर गौर करें तो यहां मायावती को एक भी सीट हासिल नहीं हुई है। जहां 2009 में कल्याण सिंह जन क्रांति पार्टी से विजयी हासिल हुए तो वहीं 2014 में कल्याण सिंह के पुत्र राजवीर सिंह भाजपा से जीते। मायावती के उम्मीदवार को तीसरा स्थान हासिल हुआ।

हाथरस में ऐसा रहा था चुनाव
पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय का गढ़ कहा जाने वाला हाथरस मायावती के लिए भाग्यशाली नहीं रहा। मायावती को यहां अभी तक एक भी सीट हासिल नहीं हुई। मायावती के प्रत्याशी 2014 के लोकसभा चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे। भाजपा के राजेश कुमार दिवाकर को 2014 में 5,44,277 मत प्राप्त हुए तो वहीं बसपा के मनोज कुमार सोनी को 2,17,891 वोट मिले।

फिरोजाबाद में नहीं छोड़ सकी छाप
लोकसभा चुनावों में मायावती की पार्टी राजबब्बर और डिंपल यादव से मुकाबला में तीसरे स्थान पर रही थी। 2009 के चुनाव में राजबब्बर को 3,12,728, सपा की डिंपल यादव को 2,27,385 वहीं बसपा के प्रत्याशी प्रो.एसपी सिंह बघेल को 2,13,571 वोट हासिल हुए थे। वहीं, 2014 में सपा के अक्षय यादव ने सभी को पछाड़ दिया। अक्षय यादव को 5,34,583, भाजपा के प्रो.एसपी सिंह बघेल को 4,20,524 और बसपा के ठाकुर विश्वदीप सिंह को 1,18,909 वोट मिले थे।

मैनपुरी में कुछ ऐसा रहा माया का जलवा
मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र को समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है। यहां से मुलायम सिंह यादव ने कई चुनाव जीते हैं। लेकिन, मायावती की पार्टी ने यहां दमदार प्रदर्शन भी किया है। सपा के मुलायम सिंह यादव जब चुनाव जीते थे तो उनका मुकाबला भाजपा से नहीं बल्कि मायावती की पार्टी से था। मुलायम सिंह को 3,92,308 वोट मिले तो बसपा के विनय शाक्य को 2,19,239 वोट प्राप्त हुए। हालांकि मायावती के प्रत्याशी 2014 में ये करिश्मा नहीं दोहरा सके। लोकसभा चुनाव 2014 में सपा के तेजप्रताप सिंह यादव ने रिकॉर्ड जीत हासिल की। तेज प्रताप सिंह को 6,53,786 वोट मिले और दूसरे नंबर रहे भाजपा के प्रेम सिंह शाक्य को 3,32,537 वोट मिले।