11 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

युवाओं के हाथ में आगरा की कमान सौंपेंगी मायावती

संगठन बदलाव में युवाओं को मिलेगा मौका, अफजल को सौंपी थी युवा मोर्चा की कमान, अब होना है बदलाव

2 min read
Google source verification

आगरा

image

Abhishek Saxena

Dec 20, 2017

mayawati, social engineering, Mayawati's social engineering formula, Mayawati's social engineering, loksabha election 2019, loksabha 2019, up election, bahujan samaj party, bsp youth

आगरा। लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी बहुजन समाज पार्टी ने मायावती के निर्देशों के बाद बड़ा फेरबदल किए हैं। विधानसभा चुनाव और नगर निकाय चुनाव में मिली हार के बाद सेक्टर, बूथ और वार्डों के साथ साथ विधानसभा क्षेत्रों में युवाओं को दायित्व सौंपने की तैयारी की गई है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने संगठन में बदलाव कर 50फीसदी भागीदारी और जिम्मेदारी युवाओं को देने की तैयारी है। बहुजन समाज पार्टी पुराने कलेवर के साथ नए तेवर में दिखाई देगी।

उत्तर प्रदेश की सत्ता में जब बहुजन समाज पार्टी 2007 में आई थी। तब कई युवाओं को पार्टी में जगह दी गई थी। पिछले दस सालों से सत्ता से दूर होने के बाद पार्टी को अब युवाओं को पार्टी से फिर से जोड़ा जा रहा है। साल 2012 और 2017 के विधानसभा चुनावों में मिली हार के चलते आगामी लोकसभा चुनाव 2019 में जनता के बीच मजबूती से जाना चाहती है। लोकसभा चुनाव में खाता भी न खुलने के चलते पार्टी ने कई बदलाव की तैयारियां की है। आगरा में जब छह विधायक मायावती के खेमे में शामिल थे। तब बहुजन समाज पार्टी में अलग की जलवा था। लेकिन, पिछले विधानसभा चुनाव में मिली हार के चलते निकाय चुनाव में इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा है।

सोशल इंजीनियरिंग का फॉर्मूला लागू
बहुजन समाज पार्टी अब अनुभव के साथ युवा को भी तरजीह दे रही है। पुराने कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने के बाद अब युवाओं को फ्रंट पर लाने की तैयारी है। सोशल इंजीनियरिंग से बसपा अपने चुनाव लड़ती रही है, जो कि आगामी चुनाव में भी देखने को मिलेगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए 50 प्रतिशत युवाओं को संगठन में जिम्मेदारी दी जा रही है। अभी हाल में ही आगरा में बड़ा बदलाव किया गया था। जिलाध्यक्ष के पद पर भारतेंदु अरुण को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पार्टी सूत्र बताते हैं कि अफजल कुरैशी के बाद आगरा में युवाओं को जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। 20 से 32 साल के युवाओं को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। विधानसभा, बूथ, सेक्टर और वार्ड स्तर को मजबूत करने के लिए युवाओं को बड़ी जिम्मेदारियां दी जाएंगी।