
अगर आप भी ताजनगरी का दीदार करने का मन बना रहे हैं तो आपको यहां के बंदरों से सतर्क रहने की जरूरत है। पिछले दो दिनों के अंदर यहां बंदरों ने उत्पात मचा कर विदेशी पर्यटकों को घायल कर दिया। सोमवार को यहां बंदरों ने एक विदेशी पर्यटक पर हमला कर दिया। दरअसल स्वीडन की पर्यटक व्योनक ड्रेसलर जब चमोली फर्श की तरफ पहुंची तो मेहमानखाने की तरफ से आए कुछ बंदरों ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में वह घायल हो गईं। मौके पर घायल पर्यटक को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उपचार के बाद वह होटल रवाना हो गईं। हालांकि इससे पहले तमिलनाडु के शाहीन रशीद पर बंदरों ने हमला कर दिया था।
बंदरों की टोली में सबसे खतरनाक अल्फा बंदर
बता दें कि ताजमहल में बंदरों के हमले की यह पहली घटना नहीं है। इसके पहले भी कई बार बंदर पर्यटकों पर हमले कर चुके हैं। एक अगस्त को ताजमहल देखने आईं दो महिलाओं पर बंदरों ने हमला कर दिया था। यह घटना उस वक्त हुई, जब दोनों महिलाएं ताज का दीदार करने के बाद निकल रही थीं। तभी बंदरों ने उन्हें काट लिया था। वहीं बंदरों के हमले को लेकर पूर्व डीएफओ आनंद कुमार ने बताया कि बंदरों की टोली में सबसे ज्यादा खतरनाक अल्फा बंदर होता है। ये बंदर ही टीम का नेतृत्व करता है। सबसे पहले उसे पकड़ना होगा, जिसके बाद ही इनका आतंक कम होगा।
खाने की तलाश में बंदर पहुंच जाते हैं ताजमहल
पूर्व डीएफओ ने बताया कि ताजमहल में करीब 35 से 40 बंदर हैं, जो पहले पुराने शहरों में रहते थे लेकिन अब खाने की तलाश में वह नई कॉलोनियों और आउटर एरिया में खाने की तलाश में पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुबह और शाम के समय में कई बंदर खाने की तलाश में ताजमहल पहुंचते हैं और पर्यटकों पर हमला करना शुरू कर देते हैं। इस हमले में कई बार विदेशी पर्यटक भी घायल हो जाते हैं।
Updated on:
14 Sept 2022 04:47 pm
Published on:
14 Sept 2022 03:50 pm

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