
dr surbhi mittal
आगरा। कैंसर, एक ऐसी बीमारी, जिसके नाम से रूह कांप जाती है। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में कैंसर विभाग में तैनात हैं डॉ.सुरभि गुप्ता। एक ओर जहां सरकारी कर्मचारी अपनी नौकरी जल्द से जल्द खत्म करके घर जाना चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर डॉ.सुरभि मित्तल अपने मरीजों के लिए हर समय तैयार रहती हैं। कैंसर के सैकड़ों मरीजों को अपने इलाज से ये सही कर चुकी है। मरीज इन्हें डॉक्टर दीदी कहकर बुलाते हैं।
रोजाना आते हैं मरीज, खाते हैं तंबाकू छोड़ने की शपथ
डॉ.सुरभि मित्तल ने आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में कैंसर रोग विभाग में अगस्त 2006 में बतौर लेक्चरर ज्वाइन किया था। आज वे प्रोफेसर हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज में कैंसर विभाग में रोजाना 80 से 90 मरीज आते हैं। यानि साल में कैंसर के करीब दस हजार मरीज आते हैं। इनमें से कई मरीज प्राथमिक स्टेज पर आते हैं, जिन्हें डॉ.सुरभि मित्तल इलाज के द्वारा नया जीवन दे रही हैं। डॉ.मित्तल ने बताया कि उनके पास मध्यप्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, बिहार राज्यों से भी कैंसर के मरीज इलाज के लिए आते हैं। मरीजों के लिए वे हर समय तैयार रहती हैंं, चाहे कुछ भी समय हो। डॉ.मित्तल के मरीज सही होने पर अपने घरों में तंबाकू का सेवन ना करने का संकल्प लेकर जाते हैं।
पति नो तंबाकू 'नो मतलब नो' की चला चुके हैं मुहिम
गौरतलब है कि आगरा में पिछले 100 दिनों से 'नो मतलब नो' टीम मुहिम चला रही थी। इस टीम ने शहर में कारखानों, दुकानों, शोरूम, स्कूल, दफ्तर आदि जगहों पर लोगों को जागरूक किया था। इस मुहिम में करीब 1500 लोगों ने अपनी तंबाकू छोड़ी और एक लाख लोगों ने तंबाकू ना खाने की शपथ ली। इस मुहिम के संयोजक डॉ.आलोक मित्तल हैं जो डॉ.सुरभि गुप्ता के पति है। डॉ.सु रभि मित्तल भी लोगों को तंबाकू छोड़ने के लिए जागरूक करती नजर आई थीं।
Published on:
06 Jun 2018 06:30 am
बड़ी खबरें
View Allआगरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
