मेडीकल की तैयारी कर रहे छात्र धवल कुमार ने बताया कि साल भर की मेहनत का नतीजा एक ही टेस्ट के बाद आ जायेगा, पहले उम्मीद रहती थी, कि एक टेस्ट खराब हुआ, तो दूसरे में मेहनत कर सकते हैं। अग्रवाल बंधु ज्ञान केन्द्र के छात्र नीलेश ने बताया कि यदि किसी परेशानी के कारण एक एग्जाम खराब होता है, तो दूसरा मौका नहीं मिलेगा, यानि एक साल फिर से पिछड़ जायेंगें।