
घटना मंगलवार दोपहर तीन बजे की बताई जा रही है। सफेद रंग की हिमाचल पुलिस की जीप ताजमहल पूर्वी गेट के अमर विलास बैरियर पहुंची। जीप में से चार पुलिसकर्मी और हथकड़ी लगाए एक कैदी उतरा। वहां मौजूद ताज सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने हथियार के साथ ताजमहल के भीतर जाने से रोक दिया।
इसके बाद एक पुलिसकर्मी हथियार लेकर वहीं स्थानीय पुलिसकर्मियों के साथ बैठ गया। शेष तीनों कैदी को लेकर ताजमहल की ओर चले गए। टिकट खरीदा और पूर्वी गेट पहुंच गए। एएसआई और एडीए के कर्मचारियों ने हथकड़ी के साथ कैदी को अंदर ले जाने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिसकर्मी बैरंग वापस लौट गए।
कैदी को हथकड़ी लगी थी, पर पुलिसकर्मी उसे खुला छोड़ कर चल रहे थे। कैदी खुद हथकड़ी की जंजीर हाथ में लपेट कर आराम से चल रहा था। हिमाचल पुलिस की यह कारगुजारी देख स्थानीय लोगों ने उनका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इस पर पुलिसकर्मी मोबाइल छीनने का प्रयास करने लगे। लोगों की संख्या बढ़ने पर स्थानीय पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझा कर वहां से निकाल दिया।
हिमाचल पुलिस के सिपाहियों द्वारा कैदी को वीआईपी ट्रीटमेंट देते हुए ताजमहल घुमाने लाने पर स्थानीय पुलिस को वहीं रोक देना चाहिए था। सुरक्षा की दृष्टि से उनसे पूछताछ करनी चाहिए थी, लेकिन खाकी को देखकर खाकी को नियमों की अवहेलना और अपराध नजर नहीं आया। उल्टा सिपाहियों की गाड़ी को वहीं खड़ा भी होने दिया गया। एसीपी ताज सुरक्षा सैय्यद अरीब अहमद ने मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
-आगरा से प्रमोद कुशवाह की रिपोर्ट
Updated on:
29 Oct 2024 07:25 pm
Published on:
24 Jul 2024 04:28 pm
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