
manoj kumar
आगरा। अयोध्या विवाद की सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने जनवरी की तारीख लगा दी है। अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद से संबद्ध राष्ट्रीय बजरंग दल के अध्यक्ष मनोज कुमार इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की तरह ही भाजपा राम मंदिर के लिए तारीख पर तारीख दे रही है। इस बार भाजपा का यह छलावा चलने वाला नहीं है।
भाजपा से सवाल
मनोज कुमार ने भाजपा से पूछा है- भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने जब सोमनाथ से अयोध्या रथयात्रा निकाली थी। तब भाजपा ने कहा राम मंदिर के लिए संसद में कानून बनाएंगे। तब क्या उनका न्यायपालिका पर विश्वास नहीं था। तब न्यायपालिका को चुनौती दे रहे थे और आज वह कहते हैं कोर्ट की राह देखो। भाजपा ने 1984 से लेकर आज तक कहा कि वह संसद में कानून बनाएंगे तो उन्होंने झूठ बोल कर हिन्दुओं को मूर्ख बनाया था? इसका उत्तर चाहिए। भाजपा के पास लोकसभा दो सीटें थीं। राम मंदिर का मुद्दा उठाया तो सरकार बन गई। जब भाजपा सत्ता में आ गई तो अब कह रही है कि कोर्ट की राह देखेंगे।
हिन्दुओं पर चाबुक
उन्होंने कहा कि जब एसटी एससी की बात आती है तो प्रधानमंत्री कहते हैं सुप्रीम कोर्ट निर्णय नहीं, संसद निर्णय करेगी। जब राम मंदिर की बात आती है तो संसद नहीं, कोर्ट निर्णय करेगा। भाजपा हिन्दुओं को मूर्ख बना रही है। सत्ता में आने के बाद उन्होंने मुसलमानों की पैरोकारी की है। मस्जिद-मस्जिद घूमकर और तीन तलाक की बात कहकर हिन्दुओं पर इस्लाम का चाबुक चलाया जा रहा है।
तीन राज्यों मे चुनाव के कारण मुद्दा उठाया
उन्होंने कहा- लगता है भारत में हिन्दू शरणार्थी के रूप में रह रहे हैं। उन्हें अपने आराध्य भगवान राम की जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर निर्माण करने की स्वतंत्रता नहीं है। आस्था का विषय कोर्ट में घसीटा जा रहा है। तीन राज्यों में चुनाव है इसलिए भाजपा के सारे नेता जुमलेबाजी कर हिन्दुओं का वोट पाने के लिए राम मंदिर पर चर्चा कर रहे हैं। अब संघ की तरफ से भी समन्वय बैठक कर हिंदुओं को डराने का प्रयत्न हो रहा है। साढ़े चार वर्षों में हिन्दुओं के लिए भाजपा ने क्या किया?
भाजपा के सामने हिन्दू सरकार का विकल्प
मनोज कुमा ने कहा कि डॉक्टर तोगड़िया ने 2019 में हिन्दुओं की सरकार बनने के बाद केवल राम मंदिर ही नहीं, तीन महीने के अंदर अयोध्या, मथुरा, काशी विश्वनाथ तीनों एक साथ लेने का ऐलान किया है। मुसलमानों का अल्पसंख्यक दर्जा खत्म कश्मीरी पंडितों का कश्मीर में स्थापित करना, सेना पर पत्थर मारने वाले कथित भटके हुए कश्मीरी नौजवानों को मृत्युदंड, दो बच्चों का प्रावधान, धारा 370 और 35 ए कश्मीर से हटाना, मंदिरों के अधिग्रहण को मुक्त कर स्वामित्व वहां के पंडा पुजारियों को देना जैसे मुद्दों पर हिन्दू सरकार एक विकल्प के रूप में भाजपा के सामने खड़ी होगी।
Updated on:
29 Oct 2018 12:49 pm
Published on:
29 Oct 2018 12:49 pm
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