30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राष्ट्रीय बजरंग दल को श्रीराम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बेसब्री से इंतजार, जानिए क्यों

मनोज कुमार ने कहा- सिद्ध हो गया है कि विवादित ढांचे के नीचे मंदिर थाभारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा की गई खोदाई को कोई चुनौती नहीं दे सकताविदेशी आक्रमणकारी बाबर ने श्रीराम के मंदिर को ढहाकर ढांचा बनाया

2 min read
Google source verification

आगरा

image

Dhirendra yadav

Aug 17, 2019

Ram mandir in Ayodhya

Ram mandir in Ayodhya

आगरा। डॉ. प्रवीण तोगड़िया (Dr Praveen togadiya) के संगठन अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद (Hindu Parishad) की युवा शाखा राष्ट्रीय बजरंग दल (Rashtriya Bajrang dal) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज कुमार (Manoj kumar) ने सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में श्रीराम जन्मभूमि, अयोध्या (Shri ram janmbumi Ayodhya) मामले की प्रतिदिन सुनवाई का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सुनवाई से साफ हो रहा है कि कथित बाबरी मस्जिद का निर्माण राम मंदिर को गिराकर किया गया था। यही कारण है कि कथित मस्जिद में हिन्दू देवी-देवताओं का मूर्तियां मिली हैं। उन्होंने आशा जताई कि सर्वोच्च न्यायालय जल्दी ही फैसला करके श्रीराम के भव्य मंदिर (Ram mandir) का मार्ग प्रशस्त करेगा।

ये भी पढ़ें - दुनिया की बड़ी समस्या बांझपन पर अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का आज दूसरा दिन, 500 डॉक्टर कर रहे माथापच्ची, देखें वीडियो

बाबर की करतूत दुनिया को पता चल रही
मनोज कुमार ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मामले का सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होना अच्छी बात है। इससे पूरे देश और दुनिया को पता चल रहा है कि आक्रमणकारी बाबर के समय किस तरह मंदिरों का ध्वंस किया गया था। यहां तक कि करोड़ों हिन्दुओं के आराध्य श्रीराम के मंदिर को तोड़कर मस्जिद का ढांचा खड़ा कर दिया गया। आक्रमणकारी यह भी भूल गए कि अवैध कब्जे वाली भूमि पर मस्जिद नहीं बनाई जा सकती है। मस्जिद बनाने के लिए भूमि को खरीदना होता है।

ये भी पढ़ें - आज शनिवर है, बड़े काम का है नींबू मिर्च का टोटका, यहां के 44 परिवार यही काम करते हैं, देखें वीडियो

खोदाई में मस्जिद के नीचे मंदिर के अवशेष
उन्होंने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर श्रीराम जन्मभूमि पर खोदाई कराई थी। एएसआई की टीम में पुरातत्व अधिकारी मोहम्मद केके भी शामिल थे। सबने यही पाया कि मस्जिद के नीचे हिन्दू मंदिर था। जब यह रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की गई तो सबकुछ साफ हो गया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस रिपोर्ट के आधार पर 30 सितम्बर, 2019 को फैसाल दिया था। इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील कर दी गई।

ये भी पढ़ें - शनिवार के दिन नमक समेत पांच चीजें भूलकर भी न खरीदें

न्यायालय के फैसले का इंतजार
राष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज कुमार का कहना है कि अब इसमें कोई शक नहीं है कि अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर बनेगा। अब तक सुनवाई के दौरान जो प्रमाण प्रस्तुत किए गए हैं, उससे इस बात के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। करोड़ों हिन्दुओं को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का इंतजार है। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

ये भी पढ़ें - स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रः ऐसा चुनाव जिसमें भाग लेते हैं 12 जिलों के चुनिंदा मतदाता

Story Loader