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टूट रही है शाहजहां की असली कब्र

ताजमहल में शाहजहां की असली कब्र अब बदहाली की तरफ बढ़ रही है।

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Amit Kumar Shrama

May 07, 2016

real tomb of Shah Jahan

real tomb of Shah Jahan

आगरा।
मोहब्बत के दीवानों को सात समंदर पार से आकर्षित करने वाले ताजमहल को बनाने वाले मुग़ल बादशाह शाहजहां और मुमताज की कब्रें अब बदहाली की और बढ़ रही हैं। बद इंतजामियों की मार झेल रही है ये मोहब्बत की अनमोल निशानी। जिस खूबसूरती की दुनिया दीवानी है, उसी पर दाग लग रहा है।


नमी के कारण खराब हो रही है शाहजहां की कब्र

ताजमहल के तहखाने में स्थित शहंशाह-मुमताज की असली कब्र में खराबी आ रही है। नमी के कारण कब्र के हिस्से का संगमरमर पीला पड़ने के साथ टूटकर गिर रहा है। यह कब्र केवल उर्स के तीन दिनों में ही खुलती है। बाकी दिनों में ऊपर स्थित नकली कब्र का ही पर्यटकों को दीदार कराया जाता है। ताज के अंदर स्थित इस असली कब्र तक पहुंचने के लिए 24 सीढ़ियां उतरनी होती हैं। यह कब्र पूरे साल बंद रहती है। जिससे हवा आदि नहीं जा पाती। इससे पैदा हुई नमी से कब्र का रंग पीला पड़ गया है। दीवारें काली हो गई हैं। नमी के कारण कब्र के आसपास स्थित संगमरमर भी गिरने लगा है।



शाहजहां की कब्र के नीचे का चटका हुआ हिस्सा।


एएसआई चिंतित

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग आगरा के भुवन विक्रम ने ताज के अंदरुनी हिस्से और कब्र पर दाग लगने की पुष्टि की है। उनका कहना है कि पूरे वर्ष में महज तीन दिन ही ताज की वह कब्र खुलती है, जिससे यहां जमी धूल और नमी के कारण संगरमरमर पीला पड़ जा रहा है। अन्य ऑर्गेनिक वजहों से जगह-जगह धब्बे पड़ रहे हैं।


ताज की पहले ही हो रही सफाई

संसद की पर्यावरण संबंधी स्थाई समिति ने पिछले वर्ष ताजमहल का निरीक्षण किया था। उस दौरान भी ताज के विभिन्न हिस्सों में दाग लगने का मामला सामने आने पर समिति ने हर तीन साल पर मडपैक थेरेपी सिस्टम से ताज की मीनारों आदि की सफाई का फरमान जारी किया था। इस समय ताजमहल की मीनारों का मडपैक ट्रीटमेंट चल रहा है। हालांकि यह काम बहुत धीमा है। आठ महीने में सिर्फ दो मिनार साफ हो सके हैं। एएसआई अफसरों के मुताबिक ताज के अंदर के हिस्से को साफ करने में करीब दो साल लग जाएंगे।


आईआईटी की जांच में हुई थी प्रदूषण की पुष्टि

2011-12 में आईआईटी कानपुर ने एएसआई के साथ मिलकर ताज का सर्वेक्षण किया था। उस दौरान 55 प्रतिशत धूल के कण, 35 प्रतिशत ब्राउन कण मिले थे। जिसके बाद संसद की पर्यावरण संबंधी समिति ताज का निरीक्षण करने के लिए आने को मजबूर हुई।


इस तरह दुरुस्त रहेगी कब्र

खुद्दाम-ए-रोजा कमेटी के अध्यक्ष ताहिरउद्दीन ताहिर ने बताया कि ताज के तहखाने के रास्ते को खोला जाना चाहिए। ताकि हमेशा ताजी हवा कब्र तक पहुंच सके। जिससे कब्र में नमी से दाग नहीं पड़ेगा।


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