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यूपी के इस शहर में लालफीताशाही, मुख्यमंत्री भी कुछ नहीं कर पा रहे

पेयजल समस्या दूर करने के लिए बनाई गई योजना अधर में लटकी हुई है।
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आगरा

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suchita mishra

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Updated: 10 Nov 2018, 1:50 PM IST

social worker

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आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा में लालफीताशाही चल रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुछ नहीं कर पा रहे हैं। उनके द्वारा भेजे गए पत्रों को अधिकारी हल्के में ले रहे हैं। परिणाम यह है कि आगरा में पेयजल समस्या दूर करने के लिए बनाई गई योजना अधर में लटकी हुई है।

क्या है मामला
वॉटर हार्वेस्टिंग सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और समाजसेवी विष्णु कपूर ने आगरा की पेयजल समस्या के निदान के लिए प्रयास किया था। उन्होंने इसके लिए कीठम स्थित सूरसरोवर का चयन किया है। सूर सरोवर से पानी यमुना में जाता है। उनका सुझाव है कि इस बारिश का पानी फाटक लगाकर यमुना में जाने से रोककर एकत्रित किया जा सकता है। इसके लिए सरकारी जमीन की जरूरत होगी। इस पर होने वाला व्यय वे स्वयं वहन करने के लिए तैयार हैं।

सरकार को जमीन की सहमति देनी है
विष्णु कपूर ने बताया कि इस बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा गया। उन्होंने यहां के अधिकारियों को भेज दिया। अधिकारी कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। परिणाम यह है कि योजना वहीं की वहीं ठप पड़ी है। एक साल हो गया है। सरकार को सिर्फ जमीन देने के लिए सहमति देनी है। सारा परिश्रम और पैसा तो हम लगाने वाले हैं। अफसरों की ढिलाई से आगरा की पेयजल समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो पा रहा है। सूरसरोवर के पास इतना पानी एकत्रित किया जा सकता है कि गर्मी के दिनों में आराम से काम हो जाएगा।

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