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गणतंत्र विशेष: इनकी आंखों ने देखा पहला गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस की धुंधली यादों की कहानी कलावती की जुबानी

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आगरा

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Abhishek Saxena

Jan 25, 2018

आगरा। गणतंत्र दिवस की यादें अब काफी धुंधली हो चुकी हैं। कलावती देवी स्वतंत्रता सेनानी के तौर पर जानी जाती है। ग्राम भिलावटी आगरा की निवासी कलावती देवी धर्मपत्नी स्वतंत्रता सेनानी स्व. महाशय समुन्द्र सिंह और स्वतंत्रता सेनानी डरोली सिंह की पुत्रवधु के रूप में भी जानी जाती है। गणतंत्र दिवस की यादों को याद करके कलावती देवी की याददाश्त काफी कम हो गई है। 97 वर्षीय कलावती देवी ने बताया कि गणतंत्र दिवस पर आंदोलनों में शामिल रहे कई सेनानी उस दिन उनके परिवार में पहुंचे थे। परिवार के सदस्यों को बताई गई यादों में उन्होंने बताया कि सेनानी डरोली सिंह आगरा में अग्रिम पंक्ति के स्वतंत्रता सेनानी थे। जिन्होंने स्वतन्त्रता आंदोलन के समय अंग्रेजों के विरुद्ध बरौदा- भिलावटी लगान बंदी आंदोलन सहित विभिन्न आंदोलनों का नेतृत्व किया था। स्वतन्त्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने विभिन्न जेल यात्राएं भी की थीं। उनका पूरा परिवार ही स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहा है। पूर्व प्रधानाचार्य और शिक्षक नेता डॉ. विजेन्द्र सिंह नरवार डरोली सिंह जी के नाती हैं। गणतंत्र दिवस को याद करके कलावती देवी काफी भावुक हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि पहला गणतंत्र ऐतिहासिक था। आज काफी दूर बैठकर परेड और प्रधानमंत्री को देखते हैं। लालकिले की प्राचीर से झंड़ा पहराने का पल ऐसा था कि सेनानियों की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे थे।