वाणिज्य कर के रिटायर डिप्टी कमिश्रनर ने जमीन का बैनाम कर दिया, लेकिन पूरा भुगतान नहीं हुआ। तहसील समाधान दिवस में भी शिकायत की।
दीपचंद चतुर्वेदी 75 साल लखनऊ में अनौरा कला के रहने वाले हैं। फैजाबाद रोड पर स्प्रिंग ग्रीन अपार्टमेंट में रहते हैं। मूलरूप के बाह के सिलपौली गांव के निवासी हैं। दीपचंद ने साढ़े छह बीघा खेती की जमीन बैली गांव के संदीप कुमार त्यागी को बेची थी। 26 नवंबर 2021 को जमीन का बैनामा हुआ। जमीन की कीमत चार लाख रुपये प्रति बीघा तय हुई थी।
चेक हो गया बाउंस
संदीप त्यागी ने बैनामा के समय 10 लाख रुपये नकद दिए। 9 लाख 70 हजार रुपये के चार चेक दिए। बाकी 6 लाख 30 हजार रुपये अप्रैल 2022 में देने का वादा किया था। रिटायर अधिकारी ने शिकायत की कि चेक बाउंस हो गए। जो रकम बाद में देने का वादा किया गया था वह भी नहीं दी गई। उनकी रकम दिलाई जाए। उनकी जमीन उन्हें वापस दिलाई जाए। बैनामा कैंसिल कराया जाए।
पुलिस ने आरोपित को बुलाया तो वह नहीं आया
शिकायत पर आरोपित पक्ष ने कहा कि जो जमीन बेची गई थी वह पूरी नहीं है। पुलिस ने प्रशासनिक टीम को इसकी जानकारी दी। खेत की पैमाइश कराई गई। जमीन पूरी निकली। समस्या के निस्तारण के लिए दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाने का फैसला लिया गया। संयुक्त टीम के सामने दोनों पक्षों को बैठना था। पीड़ित पक्ष लखनऊ से आ गया। आरोपित पक्ष नहीं आया। फोन पर संपर्क करने पर बहाना बनाया। इंस्पेक्टर बाह कुलदीप दीक्षित ने फोन पर आरोपित पक्ष से सामने आकर अपना पक्ष रखने को कहा। आरोपित पक्ष ने जांच टीम के सामने आने के बजाय फोन पर हुई बातचीत रिकार्ड कर ली। उसे वायरल करके पुलिस को उलझाने का प्रयास किया। प्रकरण में पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है।