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जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ दिया अविश्वास प्रस्ताव, लगाए गंभीर आरोप

प्रभारी जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि अभी 32 लोगों के शपथ पत्र उन्हें प्राप्त हुए हैं। अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए एक ज्ञापन सौंपा गया

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आगरा

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Abhishek Saxena

Sep 04, 2017

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आगरा। सपा सरकार में अखिलेश यादव ने जब जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर इनकी जीत देखी, तो उन्हें बहुत रश्क हुआ था। लेकिन, आखिरकार लंबे समय बाद आगरा की जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश हो ही गया। भगवा खेमे ने सपा से ये पद छीनने के लिए लंबे समय से जिला पंचायत सदस्यों को एकजुट करने का प्रयास किया था, जो सोमवार चार सितंबर को पूरा हो सका। जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल यादव के खिलाफ प्रभारी जिलाधिकारी और सीडीओ रविंद्र कुमार मांदड़ को 38 जिला पंचायत सदस्यों के हस्ताक्षर किए हुए शपथ पत्र सौंपे गए। अब अविश्चास प्रस्ताव पास होने के लिए मतदान के दिन का इंजतार है।

32 सदस्यों के हस्ताक्षर का अविश्वास प्रस्ताव
जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर कुशल यादव थीं। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल में इस पद पर कड़ी टक्कर के बाद जीत दर्ज की थी। भाजपा की सरकार बनी, तो इस पद पर नजरें गड़ाए हुए भाजपाई लगातार अच्छे दिन का इंतजार कर रहे थे। वो अच्छा दिन सोमवार को आया। पहले संजय पैलेस स्थित एक होटल में 32 जिला पंचायत सदस्यों की एक मीटिंग हुई, इसके बाद विकास भवन में प्रभारी जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ को नेेता राकेश बघेल ने 38 सदस्यों के हस्ताक्षर किए हुए अविश्वास प्रस्ताव सौंपा। इस अविश्वास प्रस्ताव में कई गंभीर आरोप वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल यादव पर लगाए गए हैं।

भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
अविश्वास प्रस्ताव सौंपे जाने के दौरान जो पत्र प्रभारी जिलाधिकारी को दिया गया हैं, उसकी एक कॉपी पत्रिका टीम के हाथ लगी है। जिसमें ये आरोप वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल यादव पर लगाए गए हैं कि वर्ष 2016-17 में जिला पंचायत को विभिन्न मदों में सरकार एवं अन्य स्रोतों से प्राप्त धन का पूरी तरह से बंदरबाट कर भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा की गई है। विभिन्न कार्य योजना, एस्टीमेट, व्यय, खर्चा आदि जिला पंचायत सदस्यों के बिना सहमति से मात्र फर्जी तरीके से सरकारी धन हड़पने का कार्य हुआ है।

जनता को गुमराह किया
जनता को गुमराह करके झूठे आश्वान देकर धोखाधड़ी के साथ अपनी स्वेच्छा पूर्वक कार्यशैली के अनुसार ही भ्रष्टाचार को बढ़ावादेते हुए कार्य करने और कतिपय कार्यालय कर्मचारियों आदि से भी सांठ गांठ करके निरंतर लाभ अर्जित करते रहना। वहीं आरोप लगाए गए हैं कि राजनीतिक संरक्ष का प्रभाव प्रयोग में लाकर घोर वित्तीय भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

एक्ट के अनुसार कार्रवाई
प्रभारी जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि अभी 32 लोगों के शपथ पत्र उन्हें प्राप्त हुए हैं। अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए एक ज्ञापन सौंपा गया है। इसमें एक्ट के तहत कार्रवाई आगे की जाएगी। जिलाधीष द्वारा नियुक्त एक पीठासीन अधिकारी की अध्यक्षता में एक तारीख तय कर वोटिंग कराई जाएगी।

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