
आगरा। शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri) का महापर्व प्रारंभ हो चुका है। घरों में मां दुर्गा की चौकी सजाई गई हैं, तो वहीं शहर भर में दुर्गा पंडालों में नौ दिन तक माता रानी की आराधना होगी। Navratri में आपको बताने जा रहे हैं ऐसे भव्य मंदिर के बारे में, जहां आपको एक साथ नौ देवियों के दर्शन होंगे। ये मंदिर है आवास विकास कॉलोनी में। नौ दिन तक यहां माता का विशेष दरबार लगेगा। महंत बताते हैं कि यहां राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, मध्यप्रदेश से भक्त आते हैं। देवी मां अपने किसी भी भक्त को यहां से निराश नहीं जाने देती हैं।
ये हैं नौ देवियां
1. शैलपुत्री
2. ब्रह्मचारिणी
3.चन्द्रघण्टा
4.कूष्मांडा
5.स्कंदमाता
6.कात्यायनी
7.कालरात्रि
8.महागौरी
9.सिद्धिदात्री
Navratri पर यहां करें माता रानी के दर्शन
देवी मां की वैसे तो हर सनातनी के घर में चौकी सजाई गई है, लेकिन मंदिरों में विशेष आयोजन हो रहे हैं। Navratri में आगरा के प्रसिद्ध देवी मंदिरों में नौ दिनों तक भक्ति, आस्था का सैलाब दिखाई देगा। आगरा की हर दिशा में नौ देवियों के नौ मंदिर हैं, जहां नवरात्र के नौ दिनों में मां की विशेष पूजा अर्चना की जाती है।
1. पथवारी देवी मंदिर, बेलनगंज में सराफा बाजार स्थित पथवारी मंदिर करीब दो सौ वर्ष से अधिक प्राचीन है। मंदिर महंत डालचंद्र भगत ने बताया कि मंदिर में देवी दुर्गा की प्रतिमा स्थापित है। नवरात्रि में सुबह मंदिर 5.30 मिनट पर खुलेगा। मंदिर में रोजाना माता का फूल बंगला के साथ भजन कीर्तन होता है। मान्यता ये है कि देवी मां के दर्शन मात्र से हर कष्ट दूर हो जाता है।
2. इन्द्रपुरी देवी मंदिर, दयालबाग इंन्द्रपुरी दरबार देवी मंदिर भक्तों की आस्था का केन्द्र है। इसकी स्थापना करीब 45 वर्ष पूर्व बाबूलाल अग्रवाल ने की थी। मंदिर के पट सुबह 6 बजे खुलेंगे। दिन में श्रृंगार आरती होगी। मंदिर में भक्तों का रेला सुबह पांच बजे से शुरू होकर देर रात तक लगा रहता है।
3. चामुंडा देवी मंदिर, राजामंडी स्थित मां चामुंडा मंदिर शहर के भक्तों को वर्ष भर लुभाता है। चामुंडा देवी मंदिर के महंत ने बताया कि यात्रियों का भी इस मंदिर पर आना जाना रहता है। भक्तों के लिए मंदिर के पट सुबह 6 बजे खोले जाएंगे। पांच प्रहर मंदिर में मैया की आरती होगी। मंदिर में सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं।
4. चामुंडा देवी मंदिर धाकरान, धाकरान स्थित चामुंडा देवी मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है। बताया जाता है कि यहां स्थापित माता चामुंडा माता की प्रतिमा यहीं की जमीन से निकली थी। मंदिर महंत ने बताया कि नवरात्रि में मंदिर की महत्वता और भी ज्यादा बढ़ जाती है। मंदिर में आने वाले भक्तों को सूर्योदय से सूर्यास्त तक मइया के दर्शन मिलेंगे।
5. शुक्ति सुशीला मंदिर बल्केश्वर में में स्थापित देवी प्रतिमा भक्तों की हर मुराद पूरी करती है। इस मंदिर की स्थापना 1958 में माता सुशीला देवी ने की थी। मंदिर महंत ने बताया कि सुबह 6 बजे से देर रात 11 बजे तक मां के पट खुलते हैं। मंदिर में नवरात्रि के कारण विशेष सजावट रहती है
6. महालक्ष्मी देवी मंदिर बल्केश्वर में ही करीब 100 वर्ष पुराना महालक्ष्मी देवी मंदिर है। यह मंदिर यमुना के घाट पर स्थित है। इसकी स्थापना मदन गोपाल कपूर और दामोदर दास कपूर ने की थी।
7. कालीबाड़ी देवी मंदिर, कालीबाड़ी देवी मंदिर करीब 200 वर्ष पुराना है। द्वारिकानाथ भट्टाचार्य ने काली माता की मूर्ति स्थापित की थी। कालीबाड़ी मंदिर के पुजारी ने बताया कि महादेव, गौरा जी, गणेश जी आदि की मूर्तियां स्थापित की गई। नवरात्रि में मंदिर रोजाना आधा घंटे पहले सुबह पांच बजे खुलता है।
8. काली मंदिर यमुना किनारे स्थित काली माता का मंदिर स्थापना के समय से ही भक्तों की आस्था का केन्द्र रहा है। इसकी स्थापना बाबा नरसीदास ने वर्ष 1947 में की थी। मंदिर पुजारी ने बताया कि पीपल के पेड़ भी लोग पूजते हैं। मंदिर के पट सुबह छह बजे भक्तों के लिए खुल जाएंगे।
9. कामाच्छा देवी मंदिर हाथीघाट स्थित कामाच्छा देवी मंदिर के पुजारी अमित शर्मा ने बताया कि यह प्रतिमा गुवाहटी की सिद्धपीठ कामाख्या देवी की प्रतिरूप हैं। कामाच्छा देवी प्रतिमा के बाद यहां नौ देवियों की प्रतिमाएं मौजूद हैं। सुबह पांच बजे से रात्रि दस बजे तक माता के दर्शन होंगे।
Updated on:
10 Oct 2018 12:35 pm
Published on:
10 Oct 2018 07:49 am

बड़ी खबरें
View Allआगरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
