3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महाभारत से पहले हुई थी इस शिव मंदिर की स्थापना, महाराज शांतनु ने रखी थी नींव

— फिरोजाबाद जिले के खैरगढ़ क्षेत्र के सांती में स्थित है चमत्कारी शिव मंदिर।

less than 1 minute read
Google source verification

आगरा

image

arun rawat

Mar 11, 2021

santhi mandir

सांथी मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
फिरोजाबाद। आज पूरे देश में महाशिवरात्रि का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। शिवालय बम—बम भोले के जयकारों से गुंजायमान हो रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में एक शिव मंदिर ऐसा भी है जो महाभारत से पहले का बताया जाता है। भीष्म पितामह के पिता महाराज शांतनु ने इस मंदिर की नींव रखी थी।

शहर की आबादी से दूर है मंदिर
शहर से दूर गांव की आबादी में बसे सांथी नाम से मशहूर भोलेनाथ के मंदिर में लोगों ने कई चमत्कार अपनी आंखों से देखे हैं। मंदिर के महंत कमलनाथ बताते हैं कि हमारे पूर्वजों ने हमें बताया कि इस मंदिर का निर्माण महाभारत के समय से पहले किया गया। महाराज शांतनु भगवान शिवजी की आराधना करते थे। उनके समय में एक सांप प्रतिदिन एक ही स्थान पर आकर बैठता था। खुदाई की गई तो यहां शिवलिंग निकली। जिसकी स्थापना करा दी गई। महंत बताते हैं कि भीष्म पितामह की निकासी इसी जगह से है। महाभारत के युुद्ध के बाद फिर कोई यहां नहीं आया। आज भी इस मंदिर को भीष्म पितामह के नाम से लोग जानते हैं। महाराज शांतनु मंदिर का निर्माण होने के बाद यहां से चले गए थे।

चमत्कारिक है मंदिर
महंत ने बताया कि मंदिर में कई चमत्कार होते रहे हैं। एक गाय यहां आकर खड़ी होती थी और उसका दूध अपने आप निकलता था। एक सांप जो मंदिर के आस—पास ही रहता था। कई बार भगवान शिव की पिंडी से लिपटे हुए लोगों ने दर्शन किए हैं। यहां जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से आता है। उसकी सभी मनोकामना पूरी होती हैं। आज मंदिर पर लक्खी मेला लगता है। काफी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं।

Story Loader