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90 लाख के स्टांप चट कर गई दीमक, ई-स्टांप ने बिगाड़ा खेल

कलक्ट्रेट स्थित मुख्य कोषागार कार्यालय के डबल लाक की सुरक्षा में दीमकों ने सेंध लगा दी। 90 लाख रुपये के स्टांप दीमक चाट गई। ये है पूरा मामला…

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आगरा

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Prateek Pandey

Oct 12, 2023

Termites chewed up stamps worth Rs 90 lakh big loss to revenue department

उत्तर प्रदेश के आगरा कलक्ट्रेट स्थित मुख्य कोषागार कार्यालय के डबल लाक की सुरक्षा में दीमकों ने सेंध लगा दी। 90 लाख रुपये के स्टांप दीमक चाट गई। यह सभी स्टांप पांच हजार रुपये के हैं। सात साल पूर्व स्टांप नोडल कोषागार कानपुर से यहां आए थे। ई-स्टांप के चलते जनवरी 2020 से इनकी बिक्री नहीं हो पा रही थी।
आपको बता दें स्टाम्प की बढ़ती बिक्री से कोषागार की हालत खस्ता हो गई है। कोषागार के राजस्व में ई स्टाम्प के कारण भारी गिरावट हुई है। आगरा कोषागार में जब नकद में स्टाम्प बिक्री होती थी,उस समय प्रतिमाह लगभग 11 करोड़ रूपये के स्टाम्प बिका करते थे, स्टाम्प सेल होने के उपरान्त वो पैसा राजकोष में जमा करा दिया जाता था। अब कोषागार में स्टाम्प की बिक्री घटकर दो तीन लाख प्रतिमाह रह गई है।

बिक्री में आया बड़ा अंतर

स्तिथि इतनी खराब है की कोषागार अधिकारी अपने स्टाम्प स्टॉक को लेकर चिंता जता रही हैं। मुख्य कोषाधिकारी रीता सचान का कहना है की ई स्टाम्प की वजह से हमारे स्टाम्प डम्प हैं, इसी वजह से बिक्री मर बहुत बड़ा अंतर आया है। लोग कोषागार से डायरेक्ट स्टाम्प नहीं खरीद रहे हैं, लोग ई स्टाम्प ज़्यादा खरीद रहे हैं, उन्होंने चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा की अभी भी कोषागार में 65 करोड़ के स्टाम्प स्टोक में हैं। जिनको सेल करने के उपलक्ष में शासन आदेश जिला अधिकारी ने जारी किये हैं।


त्योहारों के सीजन में है उम्मीद

उन्होंने बताया की भारत में त्यौहार सीज़न में लोग ज़्यादा रजिस्ट्री कराते हैं, हमें उम्मीद है की दीपावली तक हमारा स्टॉक कम हो जाएगा। तब तक ई स्टाम्प की प्रकिर्या को स्थगित कर दिया गया है, स्टाम्प में हुए फ़र्ज़ीवाड़े पर उन्होंने कहा की स्टाम्प में फर्जीवाड़ा वेंडर लेवल से किया जाता है, वेंडर दूसरी जगह के स्टाम्प फ़र्ज़ी बनाकर मोहर लगाकर यहाँ प्रयोग कर लेते हैं। इस तरह के मामले जब प्रकाश में आते हैं तब तब कहा जाता है की आगरा कोषागार में सत्यापन करा लिया जाए। ऐसा कई बार हुआ है की सत्यापन में पता चला है की स्टाम्प आगरा से निर्गत नहीं किये गए हैं। वेंडरों की इस हरकत से सरकार और विभाग की छवि धूमिल होती है।

जिस तरह मुख्य कोषाधिकारी ने स्टाम्प की बिक्री को लेकर चिंता जताई है उससे साफ़ ज़ाहिर होता है की ई स्टाम्प की बढ़ती बिक्री से कोषागार के राजस्व में भारी गिरावट आई है। मामले की गंभीरता को समझते हुए शासन स्तर से ई स्टाम्प की बिक्री को कुछ समय के लिए स्थगित किया गया है। कोषागार को अपने 65 करोड़ के स्टॉक को बेच पाना भारी पड़ रहा है। अधिकारी दीपावली से उम्मीद लगाए बैठे हैं।

प्रमोद कुशवाह की रिपोर्ट

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