
BJP MLA jagan Prasad garg
डॉ. भानु प्रताप सिंह
आगरा। कविवर गोपालदास नीरज ने लिखा है- रुका नहीं कोई यहां नामी हो कि अनाम, कोई जाए सुबह को कोई जाए शाम। सबको जाना है इस नश्वर संसार से, लेकिन जगन प्रसाद गर्ग का यूं चले जाना कष्टकारी है। वह इसलिए कि यूं तो हमने अनेक विधायक देखे हैं, लेकिन जगन प्रसाद गर्ग सा नहीं देखा। हमेशा मुस्कराते रहना। फोन स्वयं उठाना। फोन उठा नहीं पाए तो पलटकर जवाब देना। सज्जनता कूट-कूटकर भरी हुई। उनसे कोई व्यक्ति कभी भी मिल सकता था। वे वाकई अजातशत्रु थे। वे सबकी पहुंच में थे और सब उनकी पहुंचे में थे। तभी तो विधायक के निधन की खबर सुनकर तमाम लोग आंसुओं से रो रहे थे।
एक अनुभव
एक बार बातचीत में जगन प्रसाद गर्ग ने मुझसे कहा- पार्टी में क्या हो रहा है। पहली बार विधायक बने हैं और अहंकार से मरे जा रहे हैं। फोन तक उनके चेले उठाते हैं। चेला कहता है कि विधायक जी व्यस्त हैं। मैंने कहा कि यह तो सभी विधायक करते हैं। इस पर उन्होंने कहा- जगन प्रसाद गर्ग और चौधरी उदयभान सिंह को फोन मिलाकर देखना। फिर एक दिन आधी रात के बाद मैंने जगन प्रसाद गर्ग को फोन मिलाया। कमाल ये रहा कि दूसरी घंटी में फोन उठाया और कहा- कहिए भानु भाई, क्या सेवा कर सकता हूं। ये मत समझना विधायक सो गया है। इस तरह का अनुभव सबके साथ है। तमाम संस्थाओं को आर्थिक मदद करते थे। तमाम संगठनों के लोग उनके द्वार पर चंदा लेने के लिए आते रहते थे। उन्होंने शायद ही किसी को मना किया हो।
विधायक निधि में एक लाख सैलरी से मिलाते थे
जब वे पहली बार विधायक बने तो मैंने एक अखबार का रिपोर्टर होने के नेता लम्बा साक्षात्कार किया। तब उन्होंने घोषणा की थी कि विधायक निधि से एक पैसा भी खाना गोमांस खाने के बराबर है। मैं विधायक की सैलरी में से एक लाख रुपये हर साल विधायक निधि में लगाऊंगा। उन्होंने इस घोषणा को मूर्त रूप दिया। विधायक निधि में डग्गेमारी की शिकायत कभी नहीं आई।
ये काम करने वाले देश के एकमात्र विधायक
जब कहीं गंदगी का अम्बार लग जाए या सड़क में छोटे गड्ढे हो जाएं तो हर नेता नगर निगम या आगरा विकास प्राधिकरण को ओर देखता है। जगन प्रसाद गर्ग ने इसका तोड़ ढूंढ लिया था। उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर सफाई सेना की तैयार कर रखी थी। कोई भी गंदगी की शिकायत करता तो उसके यहां सफाई सेना के साथ पहुंचकर कार्य करवाते थे। भाजपा और संघ के बड़े कार्यक्रमों में सफाई का जिम्मा जगन प्रसाद गर्ग का ही रहता था। इस कारण उनकी क्षेत्र में अपार लोकप्रियता हो गई थी। सड़कों का पैचवर्क भी अपने खर्चे पर स्वयं की सेना से करवाते थे। पूरे देश में कोई भी विधायक इस तरह का काम नहीं करता है।
लाल बत्ती की तमन्ना
विधायक जगन प्रसाद गर्ग के मित्रगण मंत्री बनने की कामना करते थे। एक बार मैंने भी कहा- विधायक जी, लाल बत्ती कब आ रही है। उन्होंने तपाक से कहा- विधानसभा चुनाव हो जाने दो। लाल बत्ती लेकर आऊंगा। फिर देखना मैं आगरा और उत्तर प्रदेश के लिए क्या करता हूं। लगातार पांच बार के विधायक को मंत्री न बनाना भी अपने आप में आश्चर्यजनक है। दूसरी पार्टी से भाजपा में आकर विधायक बने और कैबिनेट मंत्री पद ले आए, यह बात जगन प्रसाद गर्ग के समर्थकों को सालती थी। इसी कारण मंचों से मांग होती रहती थी कि जगन प्रसाद गर्ग को मंत्री बनाया जाए।
चेले नहीं पाले, परिवारवाद से दूरी
जगन प्रसाद गर्ग के बार में बड़ी बात ये है कि उन्होंने अपने दोनों बेटों में से किसी को राजनीति में आगे नहीं बढ़ने दिया। वे कहते थे कि परिवारवाद नहीं। यही कारण है कि उनके पुत्र आज भी डेयरी पर बैठते हैं। जगन प्रसाद गर्ग ने व्यापार से पैसा कमाया। तड़क-भड़क से सदैव दूर रहे। उन्हें काफिला लेकर चलने का शौक नहीं रहा। उन्होंने चेले नहीं पाले। दिल्ली और लखनऊ में भी अपना थैला स्वयं हाथों में लटकाकर चलते थे। दो साल पहले पत्रिका ने लखनऊ में कार्यक्रम कराया था। हमने उन्हें आमंत्रित किया। आगरा से लखनऊ गए। कार्यक्रम में पीछे की सीट पर बैठे रहे। आगे बैठने तक की जरूरत नहीं समझी।
यूं याद आएगी
किसी ने कहा है-
मौत को कुछ न मिला चंद अनासिर के सिवाय, जिन्दगी यहीं है, कहीं आई न गई।
कहने का मतलब है कि यह नश्वर शरीर पंचतत्व (अनासिर) में मिल जाता है। इसलिए इस संसार से कहीं नहीं जाता है। जब भी कोई आवास विकास कॉलोनी में जनसंघ के संस्थापक पं. दीनदयाल उपाध्याय की विशाल प्रतिमा देखेगा, जगन प्रसाद गर्ग की याद आएगी। जब भी कोई मदिया कटरा से निकलेगा, जगन प्रसाद गर्ग की याद आएगी। जब भी कोई उनके पुत्र वैभव गर्ग से मिलेगा, जगन प्रसाद गर्ग की याद आएगी। भाजपा का जब-जब नाम आएगा, जगन प्रसाद गर्ग की याद आएगी। जब भी किसी विधायक की चर्चा होगी, जगन प्रसाद गर्ग की याद आएगी। आगरा की रामलीला, जनकपुरी, मनकामेश्वर मंदिर की बात चलेगी, जग
न प्रसाद गर्ग की याद आएगी। यूं लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी को मझधार में छोड़कर चले जाना दुखदायी है। भाजपा प्रत्याशी एसपी सिंह बघेल तो जगन प्रसाद गर्ग को अजातशत्रु कहते थे। जगन प्रसाद गर्ग ने मुझसे कहा था कि बघेल साहब चार लाख वोटों से चुनाव जीतेंगे। देखते हैं कि इस भविष्यवाणी को भाजपाई पूरा कर पाते हैं या नहीं।
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Published on:
10 Apr 2019 08:22 pm
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