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आगरा की तीन और सीटों पर नीला झंडा फहराने की तैयारी

आगरा में बसपा के छह विधायक हैं, तीन और सीटों पर कब्जा करके पूरे आगरा पर नीला झंडा फहराने का इरादा है। बसपा अपने अभियान में चुपचाप लगी हुई है।

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Bhanu Pratap Singh

Apr 27, 2016

mayavati

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आगरा। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) इस बार आगरा में किसी को भी अपने आगे नहीं टिकने देगी। कुछ इन्हीं इरादों के साथ प्रत्याशियों को हाईकमान से निर्देश मिले हैं। इस समय बसपा के छह विधायक हैं, तीन और सीटों पर कब्जा करके पूरे आगरा पर नीला झंडा फहराने का इरादा है। बसपा अपने अभियान में चुपचाप लगी हुई है।

तीन सीटों पर कड़ी नजर
आगरा की नौ विधानसभा सीटों में से मुख्य रूप से तीन सीटों पर पार्टी की नजर है, जिसमें आगरा उत्तर, आगरा दक्षिण और बाह विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन तीनों सीट की बात करें, तो वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी के प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे थे। इस बार पार्टी हाईकमान से निर्देश मिले हैं कि किसी भी प्रकार इन तीनों सीटों पर भी बसपा की मुहर लगनी चाहिये। इसी के चलते हाल ही में आगरा उत्तर के लिये आयोजित हुये कार्यकर्ता सम्मेलन में ब्राह्मण और सवर्ण पर जोर दिया गया। इस सीट से बसपा ने पंडित ज्ञानेन्द्र गौतम को मैदान में उतारा है।

आगरा दक्षिण पर चल रहा मंथन
आगरा दक्षिण से अभी तक बसपा ने कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया है, इसका मुख्य कारण है कि इस सीट पर मुस्लिम वोटर तकरीबन 80 हजार है। पिछले चुनाव में बसपा प्रत्याशी जुल्फिकार अहमद भुट्टो को मौका मिला, तो वे इस सीट से महज 51 हजार वोट ही समेट पायें, वहीं भाजपा के योगेन्द्र उपाध्याय ने 74 हजार 324 वोट प्राप्त कर विजय हासिल की। इस सीट पर बसपा कोई ऐसा प्रत्याशी चाहती है, जो मुस्लिम वोटों को पूरी तरह खींच सके।

बाह विधानसभा क्षेत्र से भी जीत की उम्मीद
बाह विधानसभा की बात करें, तो 2012 के विधानसभा में सपा के राजा महेन्द्र अरिदमन सिंह को बसपा प्रत्याशी मधुसूदन शर्मा ने अच्छी टककर दी थी। सपा को इस सीट पर 99 हजार 379 वोट मिले, तो वहीं बसपा प्रत्याशी ने इस सीट पर 72 हजार 908 वोट प्राप्त किये। इस बार उम्मीद के साथ एक बार फिर मधुसूदन शर्मा को इस सीट से मौका दिया गया है।

छह सीटों को बरकरार रखना भी चुनौती
तीन सीटों पर बसपा की नजर हैं, तो वहीं पहले से कब्जा की हुई छह सीटों पर कब्जा रखना भी बसपा के लिए एक बड़ी चुनौती है। आगरा कैंट की सीट पर बीजेपी से सीधी फाइट है, क्योंकि पिछले चुनाव में इस सीट पर दोनों पार्टियों के बीच का अंतर महज 5 हजार वोटों का था। ऐसे ही एत्मादपुर सीट पर 8 हजार 504, फतेहपुर सीकरी में 5 हजार 623, खेरागढ में 7 हजार 106 वोटों से बीएसपी प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। वहीं फतेहाबाद में तो बीएसपी के छोटेलाल वर्मा को सपा के राजेन्द्र सिंह ने कड़ी टक्कर दी। महज1509 वोट से बीएसपी यहां से जीती थी।

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