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बेटे की गवाही पर सिपाही को आजीवन करावास

सिपाही ने अपनी पत्नी की कर दी थी हत्या

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Dhirendra yadav

Jan 07, 2017

Life imprisonment to guilty in rape case

Life imprisonment to guilty in rape case

आगरा। थाना मलपुरा के बाद गांव में 26 जनवरी 2014 की रात की गई मालती की हत्या के मामले में उसके पति नीरज सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। उसे पचास हजार रुपये अर्थदंड देना होगा। वह पुलिस महकमे में सिपाही है। उसने दूसरी महिला के साथ रिश्ते होने के चलते पत्नी के खून से हाथ रंगे थे। न्यायालय में आरोपी का अपराध उसके 12 वर्षीय बेटे की गवाही के बाद सिद्ध हो सका।

हत्या की घटना को लूट में दर्शान का हुआ था प्रयास
मालती की हत्या कर शव को बाथरूम में बंद कर दिया गया था। घर का सामान बिखरा पड़ा था। इस वारदात को लूट का मामला दर्शाने के लिए ऐसा किया गया था। एफआईआर नीरज के पिता सुरेंद्र सिंह ने अज्ञात में दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि 23 हजार कैश और जेवरात लूट कर बदमाशों ने मालती की हत्या कर दी। पुलिस जांच कर ही रही थी कि मालती के पिता मोहन सिंह ने चार फरवरी 2014 को नई जानकारी दी। वह अलीगढ़ के इगलास के गांव सहारा खुर्द के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि नीरज के मैनपुरी की किसी अन्य महिला से संबंध थे। मालती इसका विरोध करती थी। नीरज ने अपने फंड से तीन लाख रुपये भी निकाले थे। इसकी जानकारी मालती को नहीं दी थी।

हत्या से पहले मां से किया था फोन
मालती ने हत्या से पूर्व फोन पर अपनी मां को बताया था कि उसकी जान को खतरा है। नीरज उस समय एसपी क्राइम मथुरा के यहां ड्राइवर के पद पर था। उसने बताया था कि घटना के समय वह ड्यूटी पर था। पुलिस जांच में यह बात झूठी पाई गई। इसके बाद गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर नीरज पर मालती की हत्या का दोष सिद्ध हुआ। केस अपर जिला जज देवेश शर्मा की अदालत में चल रहा था।

अहम साबित हुई 12 साल के बेटे की गवाही
कोर्ट में नीरज के 12 वर्षीय बेटे अमन ने बयान दिया कि पापा घटना की रात मथुरा से ड्यूटी से मोटरसाइकिल से आए थे और रात में लौट गए। इसके बाद कोर्ट ने नीरज के साथ तैनात अन्य पुलिसकर्मियों के बयान लिए। उन्होंने बताया कि नीरज ने 27 जनवरी की सुबह उन्हें पांच बजे ही जगा दिया था। कह रहा था, उठो, सुबह हो चुकी है। वह घबराया हुआ था, इससे पूर्व उसने कभी ऐसा व्यवहार नहीं किया था। इन बयानों से साबित हो गया कि नीरज ने झूठी कहानी बनाई।



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