कोर्ट में नीरज के 12 वर्षीय बेटे अमन ने बयान दिया कि पापा घटना की रात मथुरा से ड्यूटी से मोटरसाइकिल से आए थे और रात में लौट गए। इसके बाद कोर्ट ने नीरज के साथ तैनात अन्य पुलिसकर्मियों के बयान लिए। उन्होंने बताया कि नीरज ने 27 जनवरी की सुबह उन्हें पांच बजे ही जगा दिया था। कह रहा था, उठो, सुबह हो चुकी है। वह घबराया हुआ था, इससे पूर्व उसने कभी ऐसा व्यवहार नहीं किया था। इन बयानों से साबित हो गया कि नीरज ने झूठी कहानी बनाई।