31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

VHP ने कहा- तुष्टीकरण करने वाले नेता वोटों के भिखारी

विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय सह महामंत्री विनायक राव ने एक कार्यक्रम में तुष्टीकरण करने वाले नेताओं को जमकर लताड़ा।

2 min read
Google source verification

आगरा

image

Dhirendra yadav

Aug 31, 2017

VHP

VHP

आगरा। विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय सह महामंत्री विनायक राव ने एक कार्यक्रम में तुष्टीकरण करने वाले नेताओं को जमकर लताड़ा। उन्होंने कांग्रेस के उपाध्यक्ष और आम आदमी पार्टी के संयोजक तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री अऱिवन्द केजरीवाल का नाम लेकर वोटों का भिखारी बताया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पाटी (माकपा) को चीनपरस्त बताया। नौजवानों का आह्वान किया कि वे देश को सुरक्षित बनाने के लिए आगे आएं।

तुष्टीकरण समाप्त होना चाहिए
श्री राव डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी स्थित जेपी सभागार में अखंड भारत की संकल्पना राष्ट्र के प्रति युवाओं का योगदान विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कश्मीर में जबर्दस्त आतंकवाद चल रहा है। आज का भारत सुरक्षित कहां है, ये सोचते है तो बात बिलकुल सही है। आज का भारत पहले सुरक्षित रखना चाहिए। फिर 14 अगस्त के पहले जैसा भारत हो सकता है। आज का भारत सुरक्षित रखना है तो तुष्टीकरण पूर्णतः समाप्त होना चाहिए। विलक्षण देशभक्ति की भावना जाग्रत होनी चाहिए।

वोटों के भिखारी
उन्होंने कहा कि कर्नाटक में चार माह बाद चुनाव होने वाले हैं। राजनीतिक स्वार्थ के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री कहते हैं कि अलग झंडा चाहिए। राजनीतिक स्वार्थ के लिए किस स्तर तक अलगाववाद निर्माण कर रहे हैं। वोटों के भिखारी ही देशद्रोह की भाषा बोल सकते हैं। संविधान में कहा है कि धर्म और मजहब के आधार पर आरक्षण नहीं मिलना चाहिए, लेकिन कर्नाटक में दिया गया। कर्नाटक की तुलना कश्मीर से कैसे की जा सकती है।

राहुल और केजरीवाल पर निशाना
श्री राव ने कहा कि जो भारत की संसद पर आक्रमण करता है और उसे सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई, तो हमारे लोग छाती पीटते हैं। इसका विरोध करने वालों को साम्प्रदायिक कहा जाता है। राहुल गांधी और अरविन्द केजरीवाल जैसे नेता जेल में जाकर उनका समर्थन कर रहे हैं। ये वोटों के भिखारी हैं। भारत तेरे टुकडे होंगे इंशाअल्ला इंशाअल्ला कहने वालो को समर्थन कैसे दे सकते हैं। राजनीति विचाराधार अलग होगी, पार्टीबाजी अलग बात है लेकिन देश और सेना की बात अलग है।

माकपा को धिक्कारा
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि डोकलाम विवाद पर हिम्मत दिखाई। अगर यही बात 2011 में हो जाती तो मनमोहन सिंह न जाने क्या करते। सारा देश चीन को सबक सिखाना चाहता है, लेकिन हमारे देश में एक पार्टी है माकपा, जिसके अखबार में लिखा जाता है कि चीन सही है, भारत दोषी है। 1962 और 1965 में भी माकपा ने चीन का समर्थन दिया था। भारत पहले की भावना रहेगी तो ठीक होगा सब। इसके लिए हम सबको प्रयत्न करना चाहिए।

ये रहे मंच पर
मंच पर डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अरविन्द दीक्षित, डॉ. एमपीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष स्क्वाड्रन लीडर एके सिंह, विश्व हिन्दू परिषद ब्रज प्रांत के अध्यक्ष विनोद गोयल, विश्व हिन्दू परिषद के महानगर अध्यक्ष दीपक अग्रवाल, डॉ. अरुण सक्सेना, डॉ. राजवीर सिंह, आगरा कॉलेज के डॉ. ओपी लाल मौजूद थे। कार्यक्रम संयोजक थे विहिप के वरिष्ठ नेता दिग्विजयनाथ तिवारी। विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष महानगर राजेन्द्र गर्ग, सतेन्द्र बरुआ, पंकज पाठक, भूपेन्द्र सागर, अविनाश सेंगर, शैलेन्द्र चौधरी, गजेन्द्र बघेल आदि ने अतिथिय़ों का स्वागत किया।

Story Loader