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दंपति को AIDS है तो जरूरी नहीं है बीमारी बच्चों को भी हो, SNMC में संपर्क कीजिए

World aids day पर मोहब्बत की नगरी के चौंकाने वाले आंकड़े -SN medical college में 9839 HIV Positive पंजीकृत हैं -135 समलैंगिक, 870 लापता, 505 सेक्स वर्कर, 77 ट्रक चालक

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World aids day

World aids day

आगरा। विश्व एड्स दिवस (World AIDS Day) पर हम आपको बता रहे हैं मोहब्बत की नगरी आगरा (Agra) की कहानी। AIDS यानी एक्वार्ड इम्युनोडेफीसिएंसी सिंड्रोम ( Acquired immunodeficiency syndrome)। HIV यानी एक्वार्ड इम्युनोडेफीसिएंसी वायरस (human immunodeficiency virus) ताजमहल (Tajmahal) के शहर आगरा में फिलहाल 9839 एचआईवी पॉजिटिव (HIV Positive) की पहचान है। इनकी संख्या एसएन मेडिकल कॉलेज (SN medical college) में पंजीकृत है। कहने का मतलब यह है कि 9839 लोगों को एड्स है। ऐसे न जाने कितने लोग हैं जो निजी चिकित्सकों से इलाज करवा रहे हैं। एड्स के इलाज को लेकर नई तकनीक आ गई हैं। यह भी जरूरी नहीं है कि दंपति को AIDS है तो बच्चों को भी बीमारी हो। एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा (SNMC) में संपर्क किया जा सकता है।

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एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज

एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा में वर्ष 2005 से प्रिवेंशन ऑफ पैरेन्ट्स टु चाइल्ड ट्रांसमिशन (पीपीटीसीटी) अभियान चल रहा है। यहां एचआईवी पॉजिटिव दंपति अगर बच्चा चाहते हैं तो उनका इलाज किया जाता है। अधिकांश मामलों में बच्चा एचआईवी निगेटिव होता है। प्रसव के बाद नवजात को नेवीरपाइन सीरप पिलाया जाता है। एचआईवी की दवा लेने वाले गर्भवती के बच्चे को 45 दिन तक और अन्य को तीन महीने तक सीरप पिलाया जाता है। फिर छह महीन और 18 महीने पर जांच की जाती है। एचआईवी निगेटिव मिलने पर भविष्य में भी सामान्य संक्रमण की संभावना नहीं रहती है। एसएन मेडिकल कॉलेज की पूर्व प्राचार्य और स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सरोज सिंह का कहना है कि वर्ष 2019 में 34 प्रसव कराए गए और इनमें से 21 सामान्य हुए हैं। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि सफलता की दर ठीक है मेडिकल कॉलेज में 7539 गर्भवती माताओं की एचआईवी जांच हुई, जिनमें से 24 को एड्स पाया गया।

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क्या कहते हैं आकड़े

एसएन मेडिकल कॉलेज में पंजीकृत एचआईवी पॉजिटव 9839 में 135 समलैंगिक हैं। 870 लापता हैं। 505 सेक्स वर्कर हैं। 77 ट्रक चालक हैं। 2414 की मौत हो चुकी है। 839 इलाज नहीं ले रहे हैं। 878 इलाज लेने में नियमित नहीं हैं। जहां तक बीमारी फैलने की बात है तो 418 को रक्त चढ़ाने से एचआईवी फैला। 4574 लोगों में असुरक्षित यौन संबंध बनाने से संक्रमण हुआ। काय चिकित्सक डॉ. सुनील बंसल का कहना है कि असुरक्षित यौन संबंध न बनाएं। अपने जीवन साथी के साथ ही संबंध रखना चाहिए। समय-समय पर एचआईवी जांच कराते रहें ताकि समय पर इलाज किया जा सके।

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