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बौद्ध सर्किट से जुड़ेगे गुजरात में 13 स्थल

-बुद्ध पूर्णिमा

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13 places in Gujarat to connect Buddhist circuit

बौद्ध सर्किट से जुड़ेगे गुजरात में 13 स्थल

अहमदाबाद. दुनियाभर में फैले बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए गुजरात में 13 स्थलों को बौद्ध सर्किट से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए निर्माण जारी है। ये 13 स्थल भगवान बुद्ध से किसी न किसी तरह से जुड़े हुए हैं। इन स्थलों को गुजरात प्रवासन निगम की ओर से विकसित किया जा रहा है।

इन्टरनेशनल बुद्धिस्ट फेडरेशन के साथ करार कर बौद्ध सर्किट का विकास होगा। इनमें देव की मोरी प्रमुख है। इसे ग्लोबल स्प्रिुअचल स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इन तेरह स्थलों को विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है। इन्हें विश्व के बौद्ध धर्म के स्थलों के साथ जोड़ा जाएगा। प्रारंभिक चरण में सर्किट के लिए गुजरात में बारह स्थलों को चुना गया है। इन्हें अत्याधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण किया जाएगा।

इन जगहों से जुड़ेगा सर्किट

इन 13 स्थलों में जूनागढ़ के उपरकोट, बाबा प्यारेला की गुफा, खापरा कोडिया का महल, अशोक का स्तंभ मार्ग, गिर सोमनाथ की साना गुफा, प्रभास पाटण की बौद्ध गुफा, भरुच का कडिया डुंगर, कच्छ की सियोत गुफा, भावनागर में तलाजा बौद्ध गुफा, राजकोट की खंभालिडा गुफा, मेहसाणा जिले में वडनगर की बौद्ध गुफा, महेसाणा जिले की तारंगा हिल पर बौद्ध गुफा और मेश्वो नदी के किनारे विकसित प्राचीन देव की मोरी।

ये होंगी सुविधाएं

विकसित होने वाले बौद्ध स्थलों पर एप्रोच रोड, स्ट्रीट लाइट, टूरिस्ट कियोस्क, सुरक्षा के लिए विशेष केबिन, सीसीटीवी कैमरा, पर्यटकों के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, रिफ्रेशमेंट सुविधा, कार पार्किंग की सुविधा वॉच टावर, रेस्टिंग एरिया आदि की सुविधा होगी।

अवशेषों की प्रदर्शनी

देव की मोरी में भगवान बुद्ध के समय के अवशेषों का प्रदर्शन करने की व्यवस्था होगी। जहां पानी के लिए कुंड, ब्रिज, ग्रंथालय जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अलावा मेश्वो रिवरफ्रंट, घाट का भी निर्माण होगा।