
Gujarat election 2022: पाकिस्तान से राजकोट आकर बसे 135 शरणार्थी आज पहली बार करेंगे मतदान,Gujarat election 2022: पाकिस्तान से राजकोट आकर बसे 135 शरणार्थी आज पहली बार करेंगे मतदान
पाकिस्तान छोडक़र कुछ वर्षों से राजकोट में जीवन बीता रहे 135 हिन्दू शरणार्थियों के लिए गुरुवार को तब खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा जब भारतीय नागरिकता प्राप्त कर चुके ये लोग पहली बार गुजरात विधानसभा के लिए मतदान करेंगे।
राजकोट शहर के भगवतीपरा इलाके में पाकिस्तान से स्थानांतरित हुए कई हिन्दू शरणार्थी यहां रहकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं।
हर्षाबेन शंकर का कहना है कि पहली खुशी उन्हें तब मिली थी जब उन्हें भारत की नागरिकता मिली थी और अब यह खुशी तब और दुगनी-चौगुनी हो जाएगी जब वे भारत के नागरिक के रूप में पहली बार अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे।
पाकिस्तान के कराची से राजकोट आकर बसे किशन बुचिया ने बताया कि उनके साथ छह लोगों को मतदान का अधिकार मिला है। मतदाता पहचान पत्र ही उनकी असली पहचान है। अब हम और आत्मविश्वास के साथ जिंदगी जी सकेंगे।
केशर पातरिया कहती हैं कि मताधिकार के साथ ही उचित व्यक्ति को चुनकर देश के भविष्य का निर्माण करना हमारे हाथ में है। इसलिए हम सभी को मतदान करना चाहिए।
सुनील महेश्वरी के मुताबिक मताधिकार के साथ वे पूरी तरह भारतीय होने का गर्व महसूस करेंगे। इसके साथ ही रामजी बूचिया, किशनलाल महेश्वरी सहित इस इलाके में रहने वाले लोगों ने भी पहली दिसम्बर को उत्साहपूर्वक मतदान करने की बात कही।
लोकसभा चुनाव में किया, अब पहली बार विधानसभा में वोटिंग
पाकिस्तान से 2009 में यहां आने वाले जीवराज असारिया माहेश्वरी को 2018 में भारत की नागरिकता मिली। उन्होंने बताया कि वे 2019 में लोकसभा चुनाव में वोटिंग कर चुके हैं और अब गुजरात विधानसभा के लिए पहली बार मतदान करेंगे।
माहेश्वरी के मुताबिक वे सिंध प्रांत के कराची शहर में प्रांतीय व नेशनल एसेम्बली के लि कई बार मतदान कर चुके हैं लेकिन वहां पर पूरी तरह वोटिंग अलग तरह से होती है क्योंकि हम अल्पसंख्यक की वहां पर कोई पूछ नहीं थी।
1000 से ज्यादा हिंदू अहमदाबाद में भी पहली बार वोट करेंगे
इधर दूसरे चरण में अहमदाबाद शहर में 1000 से ज्यादा हिंदू शरणार्थी भी पहली बार वोट करेंगे। यहां पर ये लोग सरदारनगर और कुबेरनगर इलाके में रहते हैं।
इन जिलों को मिले अधिकार
२०१६, 2018 और 2021 के गजट के मुताबिक अहमदाबाद, गांधीनगर व भुज, राजकोट सहित सात जिला कलक्टर कार्यालयों को पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बंगलादेश से आए अल्पसंख्यक शरणाॢर्थयों-हिन्दू, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी-को केन्द्रीय व राज्य की खुफिया एजेंसियों से मंजूरी मिलने के बाद भारतीय नागरिकता प्रदान करने का अधिकार दिया गया है।
भारतीय नागरिकता अधिनियम के तहत भारत में सात या ज्यादा वर्ष तक रहने वाले विदेशी नागरिक को संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद भारत की नागरिकता दी जाती है।
Published on:
30 Nov 2022 11:25 pm
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