
गणेश महोत्सव के लिए मिट्टी की मूर्ति बनाना सीख रहे 40 बच्चे
जफर सैयद
वडोदरा. उत्सवप्रिय व संस्कारी नगरी कहे जाने वाले वडोदरा शहर में गणेश महोत्सव का काफी आकर्षण रहता है। शहर के 40 बच्चे व युवक इस वर्ष गणेश महोत्सव के लिए भगवान गणपति की मूर्ति बनाना सीख रहे हैं। मूर्तिकार आशीष सांढ पिछले 10 वर्षों से 5 से 30 वर्ष की उम्र के बच्चों व युवकों को भगवान गणेश की मूर्ति बनाने का नि:शुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं।
शहर में चांपानेर दरवाजा के समीप गणपति की मूर्तियां बनाने के कारखाने के संचालक आशीष के अनुसार मूर्ति बनाने के विख्यात उनके चाचा सांढ काका ही उनके गुरु हैं। उन्होंने अपने चाचा से गणपति की मूर्तियां बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया। अब वे स्वयं भी बच्चों और युवकों को गणपति की मूर्तियां बनाने का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
उनका कहना है कि मूर्ति बनाने के लिए बच्चों और युवकों को मिट्टी के प्रकार से मूर्ति बनाने तक का वे प्रशिक्षण देते हैं। बच्चों को मूर्ति बनाते देख उन्हें अपना बचपन याद आता है। वे कहते हैं कि प्रत्येक बच्चे में सामान्य तौर पर कुछ नया करने की शक्ति होती है, उस शक्ति को बाहर लाना आवश्यक है।
कोरोना महामारी के चलते आर्थिक नुकसान
उनके अनुसार कोरोना महामारी के चलते पिछले वर्ष से मूर्तिकारों को आर्थिक नुकसान हुआ है। 10 सितंबर को गणेश चतुर्थी है। सरकार की ओर से गणेश महोत्सव के लिए गाइडलाइन तैयार नहीं किए जाने के कारण छोटे-बड़े मूर्तिकार उलझन में हैं।
घरों में विसर्जन के कारण बढ़ी मिट्टी की मूर्तियों की मांग
आशीष के अनुसार गणेशोत्सव में भगवान गणेश की मूर्तियों की स्थापना करने वाले परिवारों और मंडलों की ओर से अब छोटे कद की मूर्तियों की स्थापना करने से मूर्तिकारों को नुकसान हो रहा है। हालांकि भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना करने वाले लोग अब घरों में भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना व विसर्जन करने लगे हैं, इस कारण मिट्टी की मूर्तियों की मांग बढ़ी है।
Published on:
30 Jun 2021 11:00 pm
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