
केसर आम को विदेश भेजने के लिए 400 किसानों ने कराया पंजीकरण
राजकोट. इस साल भी 400 किसानों ने सोरठ क्षेत्र के जूनागढ़ व गिर सोमनाथ जिले से विदेश में केसर आम निर्यात करने के लिए पंजीकरण कराया है। विदेश तक सोरठ क्षेत्र के केसर आम पहुंचने पर विदेशी लोग भी स्वाद ले सकेंगे।
केसर आम पूरी दुनिया में मशहूर होने के कारण किसान इन्हें विदेश की धरती पर ले जाने को तैयार हैं। करीब 400 किसानों ने केसर आम को निर्यात करने के लिए अवेडा संस्था के माध्यम से पंजीकरण करवाया है। सोरठा क्षेत्र में 23,333 हेक्टेयर जमीन पर आम के बाग हैं। पिछले साल 1,56,433 मीट्रिक टन आम का उत्पादन हुआ था। इस वर्ष उत्पादन में 30 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
पिछले साल 7.5 मीट्रिक टन का निर्यात
पिछले साल गिर सोमनाथ और जूनागढ़ जिलों से 7.5 मीट्रिक टन केशर आम का निर्यात किया गया था। जूनागढ़ की अपनी पिछली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि जूनागढ़ जिला प्राकृतिक खेती में अग्रणी है और गिर के केसर आम को दुनिया तक पहुंचने के लिए केशोद हवाई अड्डे की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार कृतसंकल्प है।
कुछ दिनों पहले केसर आम की आवक के बाद मावठ के चलते आवक बंद हो गई। 50 पेटी में केसर आम की आवक होने के कारण 10 किलो की पेटी की कीमत 400 से 800 रुपए रही। सामान्यतया अप्रैल महीने के बाद केसर आम की आवक होती है। मावठ के कारण गिर सोमनाथ जिले, विसावदर व वंथली क्षेत्रों में केसर आम की फसल पर सर्वाधिक असर हुआ।
मावठ के कारण फसल पर असर
मार्च महीने में गर्मी और इस वर्ष लगातार मौसम परिवर्तन के साथ मावठ के कारण केसर आम की फसल प्रभावित हुई। इसलिए उत्पादन घटा। हर साल की तुलना में इस बार आम की 25 से 30 हजार पेटी की आवक होने की संभावना जताई जा रही है। किसानों को इसकी कीमत 10 किलो के 1100 रुपए रहने की उम्मीद है, लेकिन इस साल बेमौसम बारिश के कारण किसान व व्यापारी उचित दाम मिलने को लेकर असमंजस में हैं।
सामान्यतया मार्च का महीना केसर आम के लिए अहम होता है। भीषण गर्मी के बीच आम का फल बहुत जल्दी और अच्छी तरह से विकसित होता है। इस साल लगातार बारिश के कारण यह संभव नहीं हो सका। जानकारों के अनुसार इस साल केसर आम के मीठास पर कुछ कहा नहीं जा सकता है।
Published on:
08 Apr 2023 10:50 pm
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