
जीटीयू का 13वां दीक्षांत समारोह, 48611 विद्यार्थियों को प्रदान की डिग्री
गुजरात तकनीकी विश्वविद्यालय (जीटीयू) के 13वें दीक्षांत समारोह में शनिवार को 48611 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए इसरो स्पेस एप्लीकेशन सेंटर-इसरो अहमदाबाद के निदेशक निलेश देसाई को देश के स्पेस मिशन में उनके महत्वपूर्णयोगदान के लिए डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की।
राज्यपाल ने कहा कि आज के टेक्नोलॉजी के युग में युवा हर समस्या का समाधान खोजने में सक्षम बने हैं। शैक्षणिक ज्ञान के साथ ही व्यावहारिक ज्ञान रखने वाले विद्यार्थी अच्छे नागरिक बनते हैं और समाज एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माता-पिता को बालकों को बचपन से ही शिक्षण के साथ आचरण, व्यवहार और सामाजिक जिम्मेदारियों के बारे में ज्ञान देना चाहिए। शैक्षणिक संस्थाओं को विद्यार्थियों को डिग्री देने के साथ ही उनकी सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं सहित सभी को साथ मिलकर जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए। अगर हम सभी पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से अपने अपने क्षेत्रों में उम्दा कार्य करेंगे तो निश्चित ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत बना सकेंगे।
जीटीयू कुलपति डॉ. राजुल गज्जर ने विवि की वार्षिक रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षण क्षेत्र में जीटीयू नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। समारोह में 147 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। 28,787 स्नातकों, 5251 स्नातकोत्तर, 51 पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों, 14,452 डिप्लोमा धारकों और 70 पोस्ट ग्रेजुएट इन डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। कुलसचिव के.एन. खेर ने स्वागत वक्तव्य दिया।
नए भारत में विपुल अवसर: चंद्रशेखर
केन्द्रीय कौशल विकास राज्यमंत्री डॉ. राजीव चन्द्रशेखर ने रेकॉर्डेड भाषण में कहा कि आप सभी सबसे तेज विकसित हो रहे देश के युवा हैं। आज नए भारत में युवाओं के लिए विपुल प्रमाण में अवसर उपलब्ध हैं। युवाओं के लिए प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी ने अनेक क्षेत्र में नए द्वार खोले हैं।
आज तकनीक आयात करने की जरूरत नहीं: पटेल
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि 21वीं सदी इनोवेशन और ट्रांफोर्मेशन की सदी है। आर्टिफिश्यल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग जैसे विषय समय की मांग है। नई शिक्षा नीति में टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, रिसर्च एवं इनोवेशन क्षेत्र में उत्तरोत्तर प्रगति कर रहे हैं। आज हमको विदेश से टेक्नोलॉजी आयात करने की जरूरत नहीं है। युवाओं को बदलते समय के मुताबिक अपनी स्किल अपग्रेड करनी चाहिए।
Published on:
20 Jan 2024 10:35 pm
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