
1971 भारत-पाक युद्ध : इन महिलाओं ने की थी हवाई पट्टी की मरम्मत
गांधीनगर. गहरी आंखों में एक अलग चमक। उम्र के 70 से 80 के पड़ाव की महिलाएं। इस उम्र में तिरंगे कपड़े वाली साडिय़ों में उनकी देश के प्रति भावना देखते ही बनीं।
मौका था मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के हाथों करीब 40 वीरांगनाओं के सम्मानित होने का।
इन वीरांगनाओं ने वर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान दुश्मन देश की ओर से नष्ट की गई भारतीय वायु सेना की भुज हवाई पट्टी को 72 घंटों के भीतर मरम्मत किया था।
88 वर्षीया धनबाई भीमजी ने बताया कि वे उस वक्त गर्भवती थीं, लेकिन देश प्रेम के लिए वे कुछ भी करने को तैयार थीं।
भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान कच्छ सीमा पर दुश्मन देश के विमान लगाातर बम बरसा रहे थे। 8 दिसम्बर 1971 के दिन एक रात ही 18 बम गिराए गए थे। इस कारण भुज की हवाई पट्टी नष्ट हो गई थी। तब इस हवाई पट्टी को जल्द से जल्द मरम्मत कराना जरूरी था। तब माधापर की करीब 300 महिलाओं व युवतियों ने लगातार काम करते हुए भुज एयरपोर्ट की हवाई पट्टी के मरम्मत का काम किया था। ज्यादातर महिलाएं पूरे दिन मरम्मत में लगी रहती थीं और शाम होते घर चली जाती थीं। विमान के आने पर आस-पास के गड्ढे या बंकर में छिप जाती थीं।
सेना ने मनाया कारगिल दिवस
अहमदाबाद. गोल्डन कटार डिवीजन ने गत 26 जुलाई को आर्मी एरिया, अहमदाबाद में कारगिल दिवस मनाया। इस अवसर पर दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेन्ट जनरल डी. आर. सोनी वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कारगिल दिवस विजय समारोह के अवसर पर कोणार्क कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल आर. के. जग्गा, गोल्डन कटार डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल अनिल पूरी, पूर्व सैनिक तथा गोल्डन कटार डिवीजन के अधिकारी, जूनियर कमान अधिकारी व जवान उपस्थित थे। वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध में विजय की याद में ऑपरेशन विजय की सफलता को लेकर कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। यह युद्ध 6 मई 1999 को आरंभ हुआ था जो 80 दिनों तक चला था। यह युद्ध 13 हजार से 18 हजार फीट की दुर्गम व भयानक चोटियों पर लड़ा गया था।
Published on:
28 Jul 2018 05:03 pm
बड़ी खबरें
View Allअहमदाबाद
गुजरात
ट्रेंडिंग
