देवभूमि द्वारका जिले में तौकते चक्रवात के चलते
जामनगर. देवभूमि द्वारका जिले में तौकते चक्रवात की संभावना के चलते जिले के 953 मछुआरों ने अपनी नावों को समुद्र में सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।
मौसम विभाग की ओर से देवभूमि द्वारका जिले में सोमवार से आगामी बुधवार तक चक्रवात का असर होने की चेतावनी दी गई है। इस कारण जिला प्रशासन की ओर से समुद्र किनारे के 61 व अन्य 44 सहित 105 गांवों के 12319 में से 11609 लोगों को 140 आश्रय स्थलों पर पहुंचाया गया है।
जाडेजा ने की रूपेण बंदरगाह से मछुआरों को हटाने की समीक्षा
जामनगर. तौकते चक्रवात की संभावना के चलते प्रदेश के अन्न व नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री धर्मेन्द्रसिंह जाडेजा ने देवभूमि द्वारका जिले के रूपेण बंदरगाह से मछुआरों को हटाने की समीक्षा की।
देवभूमि द्वारका जिले के दो दिवसीय दौरे पर सोमवार को द्वारका पहुंचने के बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ रूपेण बंदरगाह क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने आवश्यकता होने पर मछुआरों को स्थानांतरित करने, राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की। स्थानीय अधिकारियों की बैठक में उन्होंने बिजली, खाद्य सामग्री, परिवहन व बचाव कार्यों के साधनों के संबंध में चर्चा की। प्रांत अधिकारी निहार भेटारिया, पुलिस अधिकारी समीर सारडा, तहसीलदार, तहसील विकास अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली।
जामनगर से हापा तक ग्रीन कॉरिडोर
जामनगर. तौकते चक्रवात की संभावना के चलते ऑक्सीजन के निर्बाध परिवहन के लिए जामनगर से हापा तक ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया है। जिला कलक्टर रविशंकर ने चक्रवात से निपटने की तैयारियों की जानकारी प्रदेश के कृषि मंत्री आर.सी. फलदू को दी।
उन्होंने कहा कि समुद्र किनारे स्थित गांवों के 2500 लोगों को, सूची तैयारकर गर्भवती महिलाओं की उन्हें और नमक पकाने वाले श्रमिकों को भी सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाया है। कोविड अस्पतालों में दमकल टीमें तैनात की हैं, स्वास्थ्य केन्द्रों पर जनरेटर और आपातकालीन किट की व्यवस्था की है। एंबुलेंस, नावों की सूची तैयारकर स्टेंड बाय रखी है। फलदू ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।