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नेपाल के जनकपुर धाम की मंडली कर रही अहमदाबाद में करेगी रामलीला का मंचन

खोखरा में बिहार से आई रामलीला मंडली, बारिश को देख वॉटर प्रूफ पांडाल, नवरात्र में गरबे के साथ रामलीला की भी रहेगी रंगत

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Ramleela

नवरात्र में गरबा गुजरात की पहचान हैं। गुरुवार से शुरू हो रहे नवरात्र में नौ दिनों तक गरबा की तो रौनक राज्यभर में रहेगी, साथ ही अहमदाबाद शहर में भी 10 दिनों तक मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन की लीला (रामलीला) का भी मंचन किया जाएगा।

शहर के नागरवेल हनुमान मंदिर के पास और खोखरा में मद्रासी मंदिर के सामने रेलवे कोलोनी में गुरुवार से रामलीला का मंचन शुरू हुआ है। बारिश को देखते हुए खोखरा में रामलीला के लिए वॉटरप्रूफ पांडाल तैयार किया है।

विजया दशमी महोत्सव समिति नागरवेल के पदाधिकारी राजेन्द्र सिंह ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष नेपाल के जनकपुरी धाम से सीताराम मंडली के कलाकार रामलीला मंचन के लिए बुलाए गए हैं। नौ दिनों तक रामलीला के मंचन के बाद दसवें दिन दशहरा को भी धूमधाम से मनाया जाएगा। नागरवेल में 57 सालों से रामलीला का आयोजन हो रहा है। कोरोना के चलते दो साल नहीं हुआ था। गत वर्ष 2023 में उत्तरप्रदेश के बनारस से की मंडली ने रामलीला मंचन किया था। उन्होंने बताया कि इस वर्ष लंका दहन को धूमधाम से मनाया जाएगा।

खोखरा में 63 साल से हो रही रामलीला

शहर के खोखरा रेलवे कोलोनी में बीते 63 साल से रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। श्री भालकेश्वर सेवा समिति ट्रस्ट के दशहरा महोत्सव मंडल के अध्यक्ष चरण सिंह राजपूत ने बताया कि इस साल बिहार से अंजनी रामायण प्रचारक मंडल को रामलीला के लिए बुलाया गया है। रामलीला के साथ विजयादशमी महोत्सव भी धूमधाम से मनाया जाएगा। 1962 से यहां रामलीला होती आ रही है। बारिश को देखते हुए रामलीला के मंच को वॉटर प्रूफ बनाया गया है। रात आठ से 12 बजे तक रामलीला का मंचन होगा।

रामलीला में इस दिन ये प्रसंग

रामलीला के दौरान विभिन्न दिनों पर अलग-अलग प्रसंगों का मंचन होगा। इसमें 3 अक्टूबर को नारद मोह और रावण जन्म का मंचन किया गया। 4 अक्टूबर को राम जन्म व मुनि आगमन, 5 अक्टूबर को नगर दर्शन व धनुष भंग का मंचन होगा। 6 अक्टूबर को राम विवाह व दशरथ प्रतिज्ञा, 7 अक्टूबर को चित्रकूट निवास व दशरथ मरण, 8 अक्टूबर को भरत मनावन व पंचवटी निवास, 9 अक्टूबर को खर-दूषण वध व सीताहरण, 10 अक्टूबर को राम-सुग्रीव मित्रता व बाली वध का मंचन होगा। 11 अक्टूबर को लंका दहन, रामेश्वर स्थापना व अंगद पैज और 12 अक्टूबर को लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण, मेघनाथ वध, हनुमान पाताल विजय का मंचन होगा। 13 अक्टूबर को रावण वध के साथ हर्षोल्लास से विजयादशमी महोत्सव मनाया जाएगा। साथ ही आतिशबाजी भी होगी।