7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डिजिटल अरेस्ट कर शातिर गिरोह ने 81 वर्ष के बुजुर्ग से 9.40 लाख रुपए ऐंठे

Ahmedabad. डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग को ठगने की एक और घटना शहर में सामने आई है। शातिर गिरोह के सदस्यों ने खुद को मुंबई के कोलाबा थाने का पुलिस कर्मचारी बताते हुए बातचीत की और फिर बुजुर्ग के आधार कार्ड का दुरुपयोग होने और मनी लॉन्डरिंग मामले में लिप्तता होने की बात कहते हुए डराया, […]

2 min read
Google source verification
Cyber crime branch Ahmedabad

Ahmedabad. डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग को ठगने की एक और घटना शहर में सामने आई है। शातिर गिरोह के सदस्यों ने खुद को मुंबई के कोलाबा थाने का पुलिस कर्मचारी बताते हुए बातचीत की और फिर बुजुर्ग के आधार कार्ड का दुरुपयोग होने और मनी लॉन्डरिंग मामले में लिप्तता होने की बात कहते हुए डराया, धमकाया और डिजिटल अरेस्ट रखते हुए उनके पास से 9.40 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए।

शहर के सोला इलाके में रहने वाले 81 वर्षीय बुजुर्ग ने इस संबंध में अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच थाने में आरोपियों के विरुद्ध छह फरवरी को प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें बताया कि यह घटना तीन से छह फरवरी के दौरान हुई।

दोपहर को आया था फोन, फिर वीडियो कॉल

प्राथमिकी के तहत बुजुर्ग को तीन फरवरी की दोपहर करीब एक बजे फोन आया। गिरोह के सदस्यों ने चार अलग अलग मोबाइल नंबर से फोन किए। उसमें कहा कि तुम्हारे आधार कार्ड का दुरुपयोग हुआ है। आरोपियों ने बुजुर्ग से ही उनके स्मार्ट फोन के नंबर की जानकारी ली और उन्हें उस नंबर पर वीडियो कॉल किया। जिसमें खुद को मुंबई कोलाबा थाने का पुलिस कर्मचारी संदीप राव बताया। बुजुर्ग से कहा कि तुम्हारा नाम नरेश गोयल केस में सामने आया है। उसमें पांच सौ करोड़ की ठगी हुई है। तुम्हारे नाम के आधार कार्ड का उपयोग करके ठगी की गई है। इस मामले की जांच सीबीआइ की ओर से की जा रही है, जो सीक्रेट है।

फर्जी अरेस्ट वारंट दिखा धमकाया

शातिर आरोपियों ने बुजुर्ग से कहा कि सिक्रेट जांच चल रही है , जिससे वे इस मामले में बच्चों, पत्नी व अन्य परिजनों को भी कोई जानकारी नहीं दें। इसके बाद बुजुर्ग से उनके सभी बैंक अकाउंट और निवेश की जानकारी ली। फर्जी अरेस्ट वारंट दिखाते हुए धमकाया और गिरफ्तार करने की बात कही। घर के आसपास सादा वर्दी में लोगों के उपस्थित रहने की बात कहते हुए घर से बाहर नहीं निकलने को कहा। वॉकिंग करने भी नहीं जाने दिया।

फंड वैरिफिकेशन के नाम पर ट्रांसफर कराए पैसे

शातिर आरोपियों ने सभी अकाउंट की जानकारी लेने के बाद उसमें जमा राशि (फंड) का वैरिफिकेशन कराने की बात कहते हुए उनके पास से चार से छह फरवरी के दौरान 9.40 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। चार डिजिट का वैरिफिकेशन कोड भी बुजुर्ग को बताया था।

बैंक मैनेजर ने बचाए 6 लाख

बुजुर्ग छह फरवरी को छह लाख रुपए आरटीजीएस से ठग गिरोह के दिए नंबर पर भेजने के लिए पीएनबी भुयंगदेव ब्रांच गए थे। बैंक मैनेजर को शंका होने से उन्होंने पैसे ट्रांसफर नहीं किए। साइबर ठगी के बारे में जानकारी दी, जिससे 1930 साइबर हेल्पलाइन पर फोन किया और प्राथमिकी दर्ज कराई।