
बनासकांठा में कागजों पर ९ खेत तलावड़ी, हकीकत में एक भी नहीं!
अहमदाबाद. गुजरात राज्य जमीन विकास निगम (जीएलडीसी) के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से किए गए राज्यव्यापी कौभांड का एक मामला बनासकांठा जिले में भी सामने आया है।
यहां भी अधिकारियों, कर्मचारियों ने मिलीभगत करते हुए कागजों पर तो नौ खेत तलावड़ी बना दी, लेकिन मौके पर जिन खेत में इन्हें बना हुआ दर्शाया गया वहां कुछ भी नहीं था। इन नौ खेत तलावड़ी के फर्जी बिल व दस्तावेज पेश करके अधिकारियों की ओर से सरकार को सवा पांच लाख रुपए की चपत लगाने का मामला सामने आया है। इस बाबत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पांचों अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में प्राथमिकी बनासकांठा एसीबी थाने में प्राथमिकी दर्ज की है।
जीएलडीसी के जिन पांच अधिकारियों पर मामला दर्ज किया गया है उनमें तत्कालीन अधिकारी हसमुखभाई मेवाड़ा, सोनाजी परमार, डाह्याभाई चौधरी, क्षेत्र सहायक रघुभाई देसाई, जीएलडीसी के सहायक निदेशक डी.के.परमार शामिल हैं।
इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने षडयंत्र के तहत मिलीभगत करते हुए गुजरात सरकार की खेत तलावड़ी योजना में वर्ष २०१७-१८ के दौरान दांता तहसील के थलवाड़ा गांव में किसानों के खेतों में खेत तलावड़ी मंजूर करके उन्हें हकीकत में नहीं बनवाकर कागजों में उसे बनाया हुआ दर्शाते हुए उसके रिकॉर्ड, इमेज पेश करके सरकार से नौ खेत तलावड़ी के लिए पांच लाख २५ हजार रुपए ले लिए। जांच के दौरान यहां भी भ्रष्टाचार होने की बात सामने आने पर प्राथमिकीदर्ज की गई है। इस मामले की जांच पाटण एसीबी थाने के पीआई एच.एस.आचार्य को सौंपी गई है।
कार्यालय से ५० लाख बरामद हुए थे :
ज्ञात हो कि एसीबी की ओर से जीएलडीसी की गांधीनगर स्थित मुख्य ऑफिस में दबिश देकर ५० लाख रुपए से अधिक की नकदी अधिकारियों के पास से बरामद की थी। उसके बाद की गई जांच के दौरान खेत तलावड़ी बनाने के नाम पर राज्यभर में भ्रष्टाचार किया गया होने का चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
Published on:
11 Aug 2018 10:22 pm
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