वन अधिकारी डी एम डाभी ने बताया कि खंभात के समुद्री किनारे से कुछ मृत पक्षियों को कब्जे में लिया गया है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि किस वजह से इनकी मौत हुई है।
आणंद @ पत्रिका. जिले के खंभात के समुद्र किनारे क्षेत्र में सौ से अधिक पक्षियों की मौत का मामला सामने आया है।
नवी आबोल, वडगांव, रालेज, धुवारण, तरकपूर, पांडत सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आमतौर पर खेती नहीं होती है, लेकिन यहां के वातावरण और सौंदर्य से प्रभावित होकर विदेशी पक्षी यहां आते हैं। विशेषकर ठंड के मौसम में दूसरे देशों से सैकड़ों मील से पक्षी यहां पहुंचते हैं। खंभात की खाड़ी के अलावा यहां के तालाबों, नदी के किनारों और उसके आसपास ये पक्षिया घूमती रहती हैं। इसमें स्वेलोनी 83 प्रजाति में से अबाबील नामक छोटी पक्षियों का झुंड खंभात के समुद्री किनारों में देखा जा सकत है। इस बार बेमौसमी बारिश की वजह से एकाएक ठंड बढ़ गई। इस क्षेत्र में सैकड़ों अबाबील पक्षियों की मौत हो गई। अभी इनकी मौत के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। अनुमान है कि मौसम की मार ये सहन नहीं कर पाए होंगे। फिलहाल मामले की जानकारी पर वन विभाग के अधिकारियों का भी ध्यान इस ओर गया है। प्रथम दृष्टया जांच में पता चला है कि स्वेलोंनी 83 प्रजापति की पक्षियों में से ही एक अबाबील प्रजाति की पक्षी इसमें शामिल हैं, जो देखने में गौरैया से मिलती-जुलती है। इस वजह की पक्षियां ज्यादातर घूमती-फिरती रहती हैं। इसके अलावा यह पानी वाले क्षेत्रों में ज्यादा पाई जाती हैं। इस मौसम में बेमौसमी बारिश के कारण वातावरण बदल गया था। बताया गया कि इसका भी असर हो सकता है। फिलहाल विभाग इसकी जांच में जुटा है। इस संबंध में वन अधिकारी डी एम डाभी ने बताया कि खंभात के समुद्री किनारे से कुछ मृत पक्षियों को कब्जे में लिया गया है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि किस वजह से इनकी मौत हुई है।