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Ahmedabad: सिविल अस्पताल में ब्लेडर एक्सट्रॉफी के गुर सीखने पहुंचे 14 देश के चिकित्सक

-मेडिसिटी बनेगी मेडिकल टूरिज्म का हब, 23 जनवरी तक चलेगी अंतरराष्ट्रीय ब्लेडर एक्सट्रॉफी कार्यशाला, 125 मरीजों को मिलेगा लाभ

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Civil Hospital

अहमदाबाद सिविल अस्पताल पहुंचे विदेशी चिकित्सकों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

Ahmedabad. शहर स्थित एशिया के सबसे बड़े सिविल अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की ओर से शनिवार से अस्पताल में 18 वीं अंतरराष्ट्रीय ब्लेडर एक्सट्रॉफी कार्यशाला शुरू हुई। इसमें 14 देशों से 40 से ज्यादा चिकित्सक, विशेषज्ञ यहां पहुंचे हैं जो ब्लेडर एक्सट्रॉफी के गुर सीखेंगे और साथ ही अपने अनुभव साझा करेंगे। 23 जनवरी तक यह कार्यशाला न केवल गुजरात या भारत बल्कि पूरे विश्व के पीडियाट्रिक यूरोलॉजी क्षेत्र के लिए एक अहम मंच साबित होगा।

सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ.राकेश जोशी ने बताया कि इस कार्यशाला की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें अमरीका की सिएटल चिल्ड्रन हॉस्पिटल, फिलाडेल्फिया चिल्ड्रन हॉस्पिटल और कनाडा की सीक चिल्ड्रन हॉस्पिटल (टोरंटो) के नामचीन डॉक्टर अपनी सेवाएं देंगे। यह सभी विशेषज्ञ बिना किसी शुल्क लिए केवल सेवा भाव से इसमें जुड़ेंगे। वर्ष 2009 से यहां ऐसी कार्यशाला हो रही है।

नेपाल व 15 राज्यों से 125 मरीज भी पहुंचे

डॉ.जोशी ने बताया कि इस कार्यशाला की लोकप्रियता और अहमियत लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि इस साल कार्यशाला में देश के 15 राज्यों-हरियाणा, पंजाब, तेलंगाना, असम, मणिपुर और पड़ोसी देश नेपाल से भी कुल मिलाकर 125 मरीज उपचार पहुंचे हैं। यहां पर उन्हें नि:शुल्क ब्लेडर एक्सट्रॉफी सर्जरी का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य केवल इलाज देना ही नहीं बल्कि इस विषय में वैश्विक स्तर का शोध और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना भी है। वर्ष 2020 में अस्पताल को ब्लेडर एक्सट्रॉफी में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का दर्जा मिला है, जो अस्पताल की आधुनिक सुविधाओं और सटीक परिणामों का प्रमाण है।

20 जटिल सर्जरी होगी, बच्चों को मिलेगा जीवन

जोशी ने बताया कि कार्यशाला के दौरान दो दिन अकादमिक चर्चा होगी, जिसमें भविष्य में बच्चों की बेहतर देखभाल और उपचार की दिशा तय की जाएगी। 19 से 23 जनवरी तक रोजाना 8 से 10 घंटे तक ब्लेडर एक्सट्रॉफी की जटिल सर्जरी की जाएगी। अनुमान है कि 15 से 20 गंभीर मामलों ऑपरेशन होंगे। इसमें बच्चों को सामान्य जीवन देने का प्रयास होगा।

इन देशों से पहुंचे हैं चिकित्सक

कार्यशाला में भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा अमरीका, कनाडा, ब्राजील, पोलैंड, कुवैत, कतर, कजाकिस्तान, कोलंबिया, कोरिया, स्पेन, ईरान, बेल्जियम, एस्टोनिया और स्विट्जरलैंड के डॉक्टर प्रशिक्षण लेने पहुंचे हैं। यह मेडिसिटी के मेडिकल टूरिज्म के हब के रूप में उभरने का प्रमाण है।

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