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Ahmedabad RathYatra: जय रणछोड़, माखनचोर के नाद से गूंजा अहमदाबाद

Ahmedabad, 146th Rathyatra, Lord Jagnnath, Gujarat

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Ahmedabad RathYatra: जय रणछोड़, माखनचोर के नाद से गूंजा अहमदाबाद

Ahmedabad RathYatra: जय रणछोड़, माखनचोर के नाद से गूंजा अहमदाबाद

Ahmedabad : 146th Rathyatra of Lord Jagnnath rolled out

भगवान जगन्नाथ की 146वीं रथयात्रा मंगलवार को अहमदाबाद शहर में पारंपरिक उत्साह व भक्ति के माहौल में निकली। आषाढ़ी बीज के अवसर पर शहर के जमालपुर स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर से सुबह 7 बजे यह रथयात्रा आरंभ हुई। इस दौरान जय रणछोड़, माखनचोर और हाथी, घोड़ा, पालकी, जय कन्हैयालाल के नाद से पूरा शहर गूंज उठा।

रथयात्रा की शुरुआत मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के पहिन्द विधि से की गई। इस अवसर पर रथ को सोने के झाड़ू से साफ किया गया। भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा व दाऊ बलराम 72 वर्षों के बाद पहली बार में नए रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। करीब 26 हजार जवानों के साथ-साथ ड्रोन व सीसीटीवी की निगाह में कड़ी सुरक्षा के बीच यह यात्रा निकाली गई। ओडिशा के जगन्नाथ पुरी के बाद देश में दूसरे सबसे बड़ी यात्रा अहमदाबाद की मानी जाती है।

अमित शाह ने की मंगला आरती

इससे पहले सुबह 4 बजे केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगला आरती में उपस्थित रहे। इसके बाद भगवान को महाभोग के रूप में खिचड़ी का भोग लगाया गया। करीब साढ़े पांच बजे तीनों भगवानों को एक-एक कर रथ पर विराजमान किया जाएगा।

आदिवासी नृत्य, रास-गरबा बने आकर्षण

इस अवसर पर मंदिर परिसर में भक्त अपने भगवान की भक्ति में लीन थे। महिलाएं गरबा कर रही थीं तो आदिवासी नृत्य व रास-गरबा भी मन को प्रफुल्लित कर रहा था। उमस व गर्मी के बावजूद भक्त लोकोत्सव में तल्लीन दिखे।

18 किमी लंबी रथयात्रा, सबसे आगे 18 श्रृंगारित गजराज

रथयात्रा परंपरागत मार्गों से होकर गुजरी। करीब 18 किलोमीटर लंबी इस यात्रा में सबसे आगे 18 श्रृंगारित गजराज रहे। इसके बाद भारतीय संस्कृति की झांकी दिखाने वाले 101 ट्रक, कसरत दिखाने वाले 30 अखाड़े, 18 भजन मंडलियां और 3 बैंडबाजा वाले भी शामिल रहे। साधु-संतों के साथ-साथ करीब 1000 से 1200 श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ खींचे। इस रथयात्रा में हरिद्वार, अयोध्या, नासिक, उज्जैन, जगन्नाथपुरी, केरल के साथ-साथ गुजरात व देश भर से करीब 2000 साधु-संतों ने हिस्सा लिया।

30 हजार मूंग का प्रसाद, 2 लाख उपरणा बांटे

भगवान की रथयात्रा में मूंग के प्रसाद की काफी महत्ता है। रथयात्रा के दौरान 30 हजार किलो मूंग के साथ-साथ 500 किलो जामुन, 500 किलो कैरी, 400 किलो खीरा व अनार के साथ-साथ 2 लाख उपरणा प्रसाद के रूप में बांटे गए।पहली बार एंटी ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल

इस बार की रथ यात्रा में पहली बार सुरक्षा के लिए एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया। ड्रोन व सीसीटीवी कैमरे के साथ करीब 26 हजार सुरक्षा जवान इसकी चाक-चौबंद व्यवस्था में लगे थे।

ऐसी चली रथयात्रा

सुबह 7 बजे-जगन्नाथ मंदिर से रथयात्रा का शुभारंभसुबह 9:00 बजे-खमासा स्थित महानगरपालिका मुख्यालय

सुबह 9:45 बजे- रायपुर चकला

सुबह 10:30 बजे-खाडिया चार रास्तासुबह 12:55 बजे-कालूपुर सर्कल

दोपहर 01:15 बजे-सरसपुर

दोपहर 3:10 बजे- सरसपुर से वापसीदोपहर 4:30 बजे-प्रेम दरवाजा

अपराह्न 5:15 बजे-दरियापुरशाम 6:20 बजे-शाहपुर दरवाजा

शाम सवा 7 बजे- घी कांटाशाम 7:30 बजे-पानकोर नाका

शाम 7:55 बजे-माणेक चौक

रात 8:30 बजे-निज मंदिर वापसी

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