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गुजरात: 181 अभयम हेल्पलाइन से 14 लाख महिलाओं को मिली मदद

महिलाओं के लिए बनी संकट मोचक

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गुजरात: 181 अभयम हेल्पलाइन से 14 लाख महिलाओं को मिली मदद

गुजरात: 181 अभयम हेल्पलाइन से 14 लाख महिलाओं को मिली मदद

अहमदाबाद. गुजरात में नौ वर्ष पूर्व शुरू की गई 181 अभयम् हेल्पलाइन से 13.99 लाख महिलाओं को विपत्ति के समय मदद मिली है। इस समयावधि में जिस किसी महिला ने मदद मांगी, उसके लिए यह नंबर किसी संकट मोचक से कम नहीं रहा। देखा जाए तो यह हेल्पलाइन नंबर महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें निडर बनाने का काम कर रहा है।

इमर्जेंसी मैनेजमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट (ईएमआरआई) ग्रीन हेल्थ सर्विस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) जशवंत प्रजापति के अनुसार गुजरात सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग, गृह विभाग, राज्य महिला आयोग और जीवीके ईएमआरआई के संयुक्त तत्ववाधान में आठ मार्च 2015 को इस हेल्पलाइन की शुरूआत की गई थी। इसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा करना है। देश में इस तरह की सेवा गुजरात में सबसे पहले शुरू की गई थी। इसके बाद से अब तक राज्य में 1399761 (करीब 14 लाख) महिलाओं को मदद की जा चुकी है।2.81 लाख में मौके पर पहुंची

14 लाख में से 281767 मामलों में अभयम की टीम रेस्क्यू वैन के साथ मौके पर पहुंची, जबकि 177421 मामलों में स्थल पर ही समाधान किया गया और 86 हजार से अधिक गंभीर मामलों में पीडि़त महिलाओं का रेस्क्यू किया गया और उसके बाद लंबे समय तक काउंसलिंग देने की जरूरत हुई। ऐसी महिलाओं को सरकार की अन्य संस्थाओं तक भी पहुंचाया गया। गुजरात में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में यह सेवा काफी महत्वपूर्ण साबित हो रही है। महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में गुजरात श्रेष्ठ आदर्श राज्य बन रहा है।

फोन पर भी ली जा सकती है जानकारीसीओओ प्रजापति के अनुसार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर 181 हेल्पलाइन के माध्यम से महिलाएं जानकारी ले सकती हैं। इसमें मार्गदर्शन, काउंसलिंग आदि शामिल हैं। हिंसा समेत प्रताड़ना के एवज में तुरंत रेस्क्यू वाहन मौके पर पहुंचता है। साथ ही महिला पुलिस थाना, वन स्टॉप सेंटर, निशुल्क कानून सहायता, स्वयं सेवी संस्थाओं की मदद भी इस हेल्पलाइन नंबर से मिल सकती है। महिलाओं पर होने वाले अत्याचार जैसे शारीरिक, मानसिक, आर्थिक रूप से प्रताडि़त किए जाने के अलावा अन्य कई मामलों में इसकी मदद ली जा सकती है।