अहमदाबाद शहर के बाकरोल एवं दाणीलीमडा क्षेत्र स्थित करुणा मंदिरों में जनरेट होने वाले गोबर से बायो गैस के प्लांट सोमवार से स्थापित किए गए हैं। इससे बिजली भी जनरेट की जाएगी। प्लांट में लगभग 32 लाख रुपए का खर्च आएगा।अहमदाबाद मनपा के पशु उपद्रव नियंत्रण विभाग (सीएनसीडी) के अध्यक्ष नरेश राजपूत ने बताया कि गोबर, हरी घास तथा ग्रीन वेस्ट समेत एक टन सामग्री से प्रतिदिन 50 किलोग्राम बायोगैस जनरेट होगी। लगभग 40 यूनिट बिजली भी जनरेट होगी। गैस का उपयोग मनपा संचालित कॉम्युनिटी किचन, केंटीन में किया जाएगा। करुणा मंदिरों में गायों की सेवा को आने वाले अतिथियों के लिए चाय व नास्ता बनाने के लिए गैस का उपयोग हो सकेगा। बिजली का उपयोग भी करुणा मंदिर में हो सकेगा। यह जीरो वेस्ट सिटी के लिए महत्वपूर्ण होगा।गोबर से अन्य सामग्री भी होती है तैयार
सीएनसीडी के अध्यक्ष राजपूत के अनुसार शहर में भटकते मवेशियों को पकड़ने के बाद उन्हें करुणा मंदिरों में रखा जाता है। इन मवेशियों से फिलहाल प्रतिदिन 2500 किलोग्राम गोबर जनरेट होता है। इसमें से 2000 किलो गोबर का उपयोग मनपा संचालित बगीचों में खाद के लिए उपयोग किया जाता है। जबकि उपले और स्टिक भी बनाए जाते हैं।