Ahmedabad city authorities lack spine to enforce traffic rules: Gujarat HC -हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद नियमों की पालना नहीं होने पर व्यक्त की नाराजगी
Ahmedabad. शहर में पिछले सप्ताह तेज रफ्तार कार से हुई 9 लोगों की मौत के मामले का हवाला देते हुए गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि अहमदाबाद शहर प्रशासन ट्रैफिक नियमों की पालना कराने में पूरी तरह असमर्थ रहा है। न्यायाधीश ए एस सुपेहिया और न्यायाधीश एम आर मेंगड़े की खंडपीठ ने कहा कि यदि पुलिस ने नियमित जांच की होती तो इस दुर्घटना को बचा जा सकता था। खंडपीठ मुस्ताक हुसैन कादरी की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
इस याचिका में गुजरात सरकार और अहमदाबाद प्रशासन की ओर से ट्रैफिक नियमों की पालना नहीं करने को लेकर बात कही गई थी। मुस्ताक हुसैन कादरी की ओर से दायर याचिका में गुजरात सरकार और अहमदाबाद शहर प्रशासन की ओर से हाईकोर्ट की ओर से जारी आदेश के बावजूद ट्रैफिक नियमों की पालना नहीं करने की बात कही गई है।
खंडपीठ ने टिप्पणी की कि आपको पता है मुख्य मुद्दा क्या है? यह सारी चीजें इतनी हो रही हैं, इसका मुख्य कारण यह है कि इन आरोपियों को कानून का कोई डर नहीं है। यह लोग पूरी तरह से कानून का उल्लंघन करते हैं। आप ट्रैफिक नियमों की पालना कराने में असमर्थ हैं। न तो आपके पास ऐसी कोई इच्छाशक्ति है कि यह कानून पूरी तरह लागू हो। आप सब सिर्फ सीसीटीवी कैमरा पर ही निर्भर हो। सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे हैं यहां तक कि कांस्टेबल भी ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को लेकर मूकदर्शक बने रहते हैं।
......तो यह हादसा होने से बच सकता था
जब सरकारी वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि ट्रैफिक पुलिस ने ड्राइवरों के लाइसेंस चेक करना, जांच करना शुरू किया है। इस पर हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या वह लोग दुर्घटना घटने की बाट जोह रहे थे? क्या आप दुर्घटना में लोगों के मारे जाने का इंतजार कर रहे थे? अगर आपने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की नियमित जांच की होती, तो यह घटना नहीं होती। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यह जांच सिर्फ कुछ दिन ही चलेगी। जो अभियान आरंभ कर रहे हैं उससे नियमित बनाइए। हालांकि हाईकोर्ट ने अहमदाबाद महानगरपालिका आयुक्त और ट्रैफिक आयुक्त के खिलाफ अवमानना के आरोप तय नहीं किए जैसा कि याचिकाकर्ता ने गुहार लगाई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को समय दिया जब सरकारी वकील ने कहा कि हाईकोर्ट के पूर्व में दिए गए निर्देशों को लागू किया जाएगा।
पार्किंग क्षेत्र में अतिक्रमण, चौराहों पर अव्यवस्था
खण्डपीठ ने अहमदाबाद शहर के ट्रैफिक नियमन के संबंध में गुजरात राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह अवलोकन किया कि शहर में अवैध पार्किंग, खाने पीने वालों की ओर से, रेस्टोरेंट्स और शॉपिंग कॉम्पलेक्स की ओर से अतिक्रमण तथा चौराहों पर अव्यवस्था का नजारा दिखता है। ट्रैफिक नियमों की किसी तरह की पालना नहीं होती है। इसमें विशेष रूप से गलत साइड से वाहन चलाने वाला मुद्दा भी शामिल है। हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 9 अगस्त तय की है।