4 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ahmedabad: हनीट्रैप गिरोह का पर्दाफाश, युवती सहित दो गिरफ्तार

-युवती ने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर रचा था षडयंत्र, साइबर क्राइम ब्रांच ने शिकायत मिलने पर पकड़ा, बिल्डर के युवती के साथ का बनाया वीडियो, वायरल करने के नाम पर मांगे 10 करोड़ रुपए

2 min read
Google source verification
Ahmedabad cyber crime

Ahmedabad. शहर पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने हनी ट्रैप गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक युवती सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया। एक आरोपी अभी भी फरार है। इन पर एक बिल्डर को हनीट्रैप में फंसाने के बाद उसका एक युवती के साथ वीडियो रेकॉर्ड कर उसे वायरल न करने के एवज में 10 करोड़ रुपए मांगने का आरोप है।

बिल्डर के पुलिस का संपर्क करने पर साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को पकड़ा। इन दोनों के मोबाइल फोन से बिल्डर का उसकी महिला मित्र के साथ का वीडियो भी मिला है। साइबर क्राइम ब्रांच के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) हार्दिक माकडिया ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि पकड़े गए आरोपियों में अश्विन चौहान (39) जो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का गुजरात प्रदेश का उपप्रमुख है। महिला आरोपी का नाम सुनीता उर्फ एनी राजपूत है जो नेल आर्ट, मेंहदी और इमीटेशन ज्वैलरी का व्यापार करती है। परमजीत सिंह उर्फ बिन्नी सिंह फरार है जो जिम ट्रेनर है।

बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर किया हनीट्रैप, वीडियो उतारा

जांच में सामने आया कि सुनीता ने उसके बॉयफ्रेंड बिन्नी के साथ मिलकर बिल्डर को हनीट्रैप करने का षडयंत्र रचा। कुछ समय पहले सुनीता ने ही बिल्डर का एक युवती से संपर्क कराया था। उसके बाद खुद के ही घर में उसने स्पाय कैमरा लगाकर बिल्डर और युवती के वीडियो उन्हें बताए बिना रेकॉर्ड कर लिया। उसके बाद सुनीता ने अश्विन से मुलाकात कर यह वीडियो उसे दे दिया।

आरोपी ने बिल्डर को वीडियो भेजकर मांगे पैसे

एसीपी ने बताया कि आरोपी अश्विन ने बिल्डर को पहले वीडियो का छोटा हिस्सा भेजा और मिलने को कहा। रूबरू मुलाकात में कहा कि यह वीडियो उनके सोर्स ने भेजा है। इसे सोशल मीडिया में वायरल नहीं करना है तो 10 करोड़ रुपए देने होंगे। दूसरे दिन मुलाकात कर 7 करोड़ मांगे। रकम नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इससे घबराए बिल्डर ने पुलिस से संपर्क किया। साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

2020 में भी दर्ज हुआ था केस

माकडिया ने बताया कि प्राथमिक जांच में पता चला कि बिन्नी और सुनीता का आपराधिक इतिहास भी है। शहर के आनंदनगर थाने में वर्ष 2020 में एक मामला दर्ज हो चुका है। दोनों ने पुलिस की पहचान देकर एक व्यक्ति से राशि ठगी थी।