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अहमदाबाद सिविल अस्पताल: दान के गुर्दों से बचा लीं 258 जिंदगी

तीन वर्ष में ब्रेन डेड 146 दाताओं से मिले अंगों में सर्वाधिक किडनी -विश्व किडनी दिवस पर विशेष

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अहमदाबाद सिविल अस्पताल: दान के गुर्दों से बचा लीं 258 जिंदगी

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किडनी फेल होने के बाद वर्षों से दूसरों की किडनी की प्रतीक्षा कर रहे 258 मरीजों की जान अहमदाबाद के सिविल अस्पताल की मुहिम ने बचा ली। ये किडनी ब्रेनडेड दाताओं से मिली हैं। पिछले तीन वर्षों में सिविल अस्पताल में 146 ब्रेनडेड दाताओं के अंगों का दान किया गया, जिसमें सर्वाधिक किडनी हैं।सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने विश्व किडनी दिवस के उपलक्ष्य में एक बातचीत में बताया कि दिसम्बर 2020 में सिविल अस्पताल में अंगदान की गतिविधियां शुरू की गईं थीं। अस्पताल में ब्रेनडेड घोषित किए जाने वाले मरीजों के परिजनों को समझाकर इस अभियान को बल दिया गया। अंगदान के संबंध में जागरूकता भी फैलाई गई। अब स्थिति ऐसी है कि अनेक लोग बिना समझाने पर भी अपने ब्रेनडेड सदस्यों के अंगों के दान की स्वीकृति देते हैं। डॉ. जोशी के अनुसार दान में सबसे अधिक किडनी मिली हैं, वैसे देखा जाए तो अंगों में सबसे ज्यादा किडनी की जरूरत देखी जाती है।

यदि जागरूकता बढ़े तो आगामी दिनों में जरूरतमंदों को अपने किसी रिश्तेदार की किडनी की जरूरत नहीं पड़ेगी। गुजरात में किडनी के लिए लगभग 1100 की वेटिंग है। पिछले कुछ समय से वेटिंग लिस्ट में कमी भी आई है।

दान में मिले 467 अंग, आधे से अधिक किडनीडॉ. जोशी ने बताया कि सिविल अस्पताल में अब तक 146 ब्रेन डेड दाताओं से कुल 460 अंग दान में मिले हैं। इनमें से आधे से अधिक (258) किडनी हैं। इनके अलावा 126 लिवर, 42 हार्ट, 24 फेफड़े, नौ पेंक्रियाज, छह हाथ और दो छोटी आंत शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल की टीम अंगदान की मुहिम में लगातार परिश्रम कर रही है। जिसके परिणामस्वरूप जरूरतमंदों का जीवन बचाया जा सका है।

सिविल कैंपस के ही अस्पतालों में ज्यादा अंगों का प्रत्यारोपण

दान में मिले अंगों में से सबसे अधिक ट्रांसप्लांट भी सिविल कैंपस के अस्पतालों में ही किए जा रहे हैं। इनमें किडनी और लीवर का प्रत्यारोपण इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजिस एंड रिसर्च सेंटर (आईकेडीआरसी) और हृदय यूएन मेहता में प्रत्यारोपण किए जाते हैं। बहुत कम अंग हैं जो सिविल अस्पताल से अन्य सेंटरों पर प्रत्यारोपण के लिए ले जाए गए हैं। इनमें हाथ, फेफड़े, छोटी आंत और पेंक्रियाज शामिल हैं।

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