
GCRI : बालिका के सीने में गंभीर रूप ले चुके कैंसर ही नहीं कोरोना से भी दिलाई निजात
अहमदाबाद. शहर के सिविल अस्पताल कैंपस स्थित गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (जीसीआरआई) में पिछले दिनों 13 वर्षीय बालिका को न सिर्फ कैंसर की बड़ी हो चुकी गांठ बल्कि कोरोना से भी मुक्त कर दिया गया। सीने की बाईं ओर कैंसर की इतनी बड़ी गांठ थी कि बाएं फेफड़े और हृदय की प्रक्रिया को प्रभावित कर दिया था। संभवत: इस तरह का यह ऑपरेशन गुजरात में पहली बार है।
अहमदाबाद शहर निवासी 13 वर्षीय बालिका को पिछले वर्ष दिसम्बर माह में बाईं ओर कैंसर के बड़े ट्यूमर के उपचार के लिए भर्ती किया गया था। उस दौरान विविध कारणों से ऑपरेशन को टालना पड़ा। जून माह में ऑपरेशन की तैयारी की जा रही थी लेकिन बालिका की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के कारण सर्जरी को फिर से टालना पड़ा। इस बीच बालिका को कोरोना से मुक्त किया गया। हालांकि स्वास्थ्य इतना कमजोर हो गया कि हिमोग्लोबिन की मात्रा सिर्फ छह फीसदी तक रह गई। वजन भी तेजी से कम हो गया था। रक्त चढ़ाकर जैसे तैसे फिर से बालिका को ऑपरेशन के काबिल किया। दस दिन पहले इस बालिका का ऑपरेशन किया। सात घंटे तक यह सर्जरी चली और आखिर बालिका को कैंसर से मुक्त कर दिया गया। अस्पताल के निदेशक डॉ. शशांक पंड्या के मार्गदर्शन और डॉ. मोहित के नेतृत्व में किए गए इस ऑपरेशन में डॉ. अजय यादव, केतुल पुज, सुदम सदंगी डॉ. तथा अजय यादव चिकित्सक जुड़े।
जांच रिपोर्ट में गायबा था एक फेफड़ा
बालिका के बांए सीने के भीतरी भाग को कैंसर ने इसकदर जकड़ लिया था कि बांया फेफड़ा जांच रिपोर्ट में गायब लग रहा था। उस दौरान ऐसा लगा था मानो एक फेफड़े को निकालना पड़ेगा। हृदय के ऊपर भी ट्यूमर का इतना दबाब बढ़ गया था कि धड़कन बाईं ओर नहीं बल्कि सीने के दाईं ओर धड़कती नजर आ रहीं थीं। अन्ननली पर भी ट्यूमर का प्रेसर बढऩे से खानपान प्रभावित होने लगा। राहत की बात यह रही है कि सूझ बूझ से किए गए ऑपरेशन के कारण न सिर्फ फेफड़ों को बचा लिया गया बल्कि हृदय के ऊपरी हिस्से और अन्न नली पर चिपकी हुई गांठ को काफी प्रयासों से सफलता पूर्वक निकाल लिया गया। बच्चों में इस तरह की बीमारी काफी दुर्लभ होती है। गुजरात में संभवत: यह अपनी तरह का पहला ऑपरेशन है जिसमें मरीज को कोरोना होने के बाद सीने से कैंसर की बड़ी गांठ का सफल उपचार हुआ हो।
डॉ. मोहित शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर, जीसीआराई
निशुल्क किया ऑपरेशन
गुजरात सरकार के स्कूल हेल्थ प्रोग्राम के अन्तर्गत यह ऑपरेशन निशुल्क किया गया। निजी अस्पतालों में इस तरह का ऑपरेशन हो तो कम से कम खर्च सात से 10 लाख तक हो सकता है। बालिका का सफल ऑपरेशन हुआ है जिससे अब उसे किसी तरह का दर्द भी नहीं है। सोमवार को संभवत: इस बालिका को छुट्टी दे दी जाएगी।
डॉ. शशांक पंड्या, निदेशक जीसीआरआई
Published on:
30 Aug 2020 08:44 pm
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