
Dr. Chirag patel
अहमदाबाद. गत जून माह में कोरोना का संक्रमण लगने पर स्थिति काफी गंभीर हो गई। लगभग 20 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद खुद को मानसिक रूप से पॉजिटिव (सकारात्मक) किया और उसके बाद कोरोना को नेगेटिव किया जा सका। शहर के सिविल अस्पताल परिसर में कोरोना उपचार के लिए समर्पित 1200 बेड कोविड सेंटर के चिकित्सक डॉ. चिराग पटेल ने यह कहा। उन्होंने कहा कि मई जून माह में सिविल अस्पताल के 1200 बेड अस्पताल में प्रतिदिन बिना छुट्टी के सेवा देकर 14 से 16 घंटे तक सेवा दी। एक ही दिन में 70 से 80 गंभीर लक्षणों वाले मरीजों का उपचार किया जाता था। सिविल अस्पताल के ट्रोमा इन्चार्ज डॉ. पटेल की कोरोना वार्ड में ड्यूटी लगाई गई थी। पिछले करीब चार माह से एक भी छुट्टी नहीं लेने वाले डॉ. पटेल ने कहा कि कोरोना संक्रमितों के साथ प्रतिदिन 16 घंटे तक रहते रहते 15 जून को उनकी तबीयत भी खराब हो गई थी। उस दौरान कोरोना की रिपोर्ट करवाई गई जो पॉजिटिव थी।
कोरोना के कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई। उन्हें यूएन मेहता अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती किया गया। जहां उन्हें टोसिलजुमेब और रेमडेसिविल समेत इन्जेक्शन की भी आवश्यकता हुई। 20 दिनों तक भर्ती रहने हुए उन्हें प्रतिदिन दो से चार किलो अॅाक्सीजन की जरूरत हुई। हालांकि उसके बाद तेजी से स्वास्थ्य में सुधार हुआ। चिकित्सकों और अन्य पेरामेडिकल स्टाफ के साथ साथ परिजनों का अच्छा साथ रहा। छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने प्लाज्मा भी दान किया है, ताकि और मरीजों को इस थेरेपी से उपचार किया जा सके।
22 वर्ष से अस्पताल में सेवा दे रहे हैं डॉ. पटेल
48 वर्षीय डॉ. पटेल 22 वर्ष से अस्पताल में सेवा दे रहे हैं। वे ट्रॉमा सेंटर में इमरजेंसी के इन्चार्ज हैं। इबोला, चिकनगुनिया, स्वाइन फ्लू जैसे वायरस के उपचार में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस कोरोना योद्धा ने एक भी छुट्टी नहीं ली है। पिछले दिनों उन्हें स्टार ऑफ द मंथ अवार्ड से भी नवाजा गया है।
Published on:
18 Jul 2020 07:34 pm

बड़ी खबरें
View Allअहमदाबाद
गुजरात
ट्रेंडिंग
