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Ahmedabad: सिविल अस्पताल: 195 किलो के मरीज की मुफ्त में बेरियाट्रिक सर्जरी

अतिशय मोटापा के कारण कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे व्यक्ति को राहत मिलने का दावा राजकोट के युवक को मिला नया जीवन, अस्पताल में अब तक 500 ग्राम से लेकर 210 किलो वजन के मरीजों की हो चुकी है सर्जरी

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Ahmedabad: सिविल अस्पताल: 195 किलो के मरीज की मुफ्त में बेरियाट्रिक सर्जरी

Ahmedabad: सिविल अस्पताल: 195 किलो के मरीज की मुफ्त में बेरियाट्रिक सर्जरी

Ahmedabad. पिछले तीन वषों से मोटापा के कारण शारीरक और मानसिक परेशानियों से जूझ रहे राजकोट Rajkot निवासी जीतू गोहिल (35) को संभवत: अब राहत मिल जाएगी। दरअसल, इस युवक की अहमदाबाद के सिविल अस्पताल Ahmedabad Civil hospital में बेरियाट्रिक सर्जरी bariatric Surgery की गई है। निजी अस्पतालों में पांच से सात लाख रुपए में होने वाली यह सर्जरी सरकारी अस्पताल में निशुल्क की गई है। जीतू गोहिल का वजन 195 किलो था, संभावना जताई जा रही है कि आगामी दिनों में यह युवक सामान्य वजन वाले लोगों की तरह जिंदगी जी पाएगा।

एशिया के सबसे बड़े सिविल अस्पताल में अब तक 500 ग्राम वजन के शिशु से लेकर 210 किलोग्राम के वजन वाले मरीजों की विविध तरह की सर्जरी की जा चुकी है। मोटापे के कारण परेशान लोगों के लिए अस्पताल में बेरियाट्रिक सर्जरी भी की जाती है। राजकोट के जीतू मोटापे के चलते तीन वर्षों से परेशान था। उसे दैनिक गतिविधियों को निपटाने में काफी वक्त लगता था और कई परेशानियां भी होती रहती थीं। हीरा कारखाने में काम कर लगभग 10 हजार रुपए प्रतिमाह कमाने वाला यह युवक पिछले तीन वर्ष में अतिशय मोटापा से ग्रसित हो गया था। इस कारण वह चलने-फिरने, सांस लेने, उठने बैठने, शारीरिक और मानसिक पीड़ा से परेशान हो गया। जीतू कुछ दिनों पूर्व एक निजी अस्पताल में बेरियाट्रिक सर्जरी कराने पहुंचा था जहां पांच से सात लाख रुपए खर्च बताया गया था। इसके बाद वह अहमदाबाद के सिविल अस्पताल उपचार के लिए पहुंचाष। जहां सर्जरी विभाग में जांच की गई तो उसका वजन 195 किलो और बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 66.4 पाया गया। विविध समस्याओं से पीडि़त होने के कारण चिकित्सकों ने जीतू की बेरियाट्रिक सर्जरी करने का निर्णय किया था।

पिछले सप्ताह सिविल अस्पताल के सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आर.आर. पटेल के नेतृत्व में गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के डॉ. प्रशांत मेहता, डॉ. राकेश मकवाना, डॉ. विक्रम मेहता और एनेस्थेटिस्ट की टीम ने यह चुनौतीभरी सर्जरी की। ऑपरेशन के बाद जीतूभाई को 2 दिन वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया और फिर 10 दिनों तक ऑक्सीजन पर रखा गया। फिलहाल उनकी हालत अच्छी बताई गई है। सिविल अस्पताल में लगभग पांच वर्ष से बेरियाट्रिक सर्जरी शुरू की गई है।

मोटापा ग्रस्त लोगों की सर्जरी के दौरान कई चुनौतियां

अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी के अनुसार मोटापा ग्रस्त लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने में ही काफी परेशानियां आती हैं। साथ ही चर्बी अधिक होने के कारण ऑपरेशन के लिए विशेष उपकारण, एक्सरे करने में भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मोटापा से ग्रस्त लोगों के पेट की दीवार का वजन 30 से 40 किलो तक हो जाता है जो सर्जरी के लिए एक चुनौती है। बेरियाट्रिक सर्जरी के कई लाभ हैं। इसमें सर्जरी के बाद लगातार वजन कम होता है जिससे मरीज की हालत में धीरे-धीरे सुधार आता है।

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