Ahmedabad: fake police personnel gang busted, 7 arrested -सस्ते में सोना देने, एक का तीन करने का लालच देकर जाल में फंसाते थे-जिले की केराला जीआईडीसी पुलिस ने कार्रवाई कर पकड़ा, -दो कार, दो नकली पिस्तोल सहित 5.73 लाख का मुद्दामाल किया जप्त
Ahmedabad. खुद को असली पुलिस कर्मचारी बताकर लोगों को ठगने वाले नकली पुलिस गिरोह का अहमदाबाद जिले की केराला जीआईडीसी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से दो कार, दो नकली पिस्तोल सहित 5.73 लाख रुपए का मुद्दामाल जब्त किया है। पकड़े गए आरोपियों में भावनगर जिले के गारियाधार जिले के पानसडा निवासी भावेश परमार (32), गारियाधार के रतनवाव निवासी घनश्याम सरवैया उर्फ बदाणी (52), पातीलाणा तहसील के वडिया निवासी चतुरभाई उर्फ कमाभाई भोकरवा (47), गारियाधार सिपाई शेरी निवासी वसीमभाई चौहाण (35), अहमदाबाद नारोल निवासी महेश वाघेला (51), आणंद जिले के विद्यानगर निवासी चंदूभाई उर्फ केसी पटेल (60) व भरुच जिले की आमोद तहसील के मातर निवासी सरीफसिंह चौहाण (51) शामिल हैं।
आरोपियों के विरुद्ध अहमदाबाद जिले के केराला जीआईडीसी थाने में 23 जनवरी को लूट की वारदात को अंजाम देने का मामला दर्ज किया है। इसमें व्यक्ति के पास से आरोपियों ने 9 लाख रुपए लूट लिए थे। इसमें यह सभी वांछित थे।
पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य पहले लोगों को सस्ते में सोने के बिस्किट देने का लालच देेकर जाल में फंसाते हैं। जो व्यक्ति लालच में आता है उसे असली सोने के बिस्किट का सेंपल बताते हैं फिर सोने का बिस्किट खरीदने के लिए अलग जगह बुलाते हैं। यहां वह पैसे लेकर आता है तो उससे पैसा ले लेते हैं और बिस्किट नहीं देते। इसी दौरान गिरोह के अन्य सदस्य पुलिसकर्मी बनकर दबिश देते हैं और कार्रवाई करने के नाम पर डरा धमकाकर लूट लेते हैं।
धमरमपुर थाने में भी दर्ज है 39 लाख की लूट का मामला
पुलिस के अनुसार पकड़े गए गिरोह के सदस्यों के विरुद्ध वलसाड जिले के धरमपुर थाने में एक मामला दर्ज है जिसमें 39 लाख रुपए लूटने का आरोप है। वसीम, महेश वाघेला और सरीफ सिंह चौहान ने अन्य लोगों के साथ मिलकर पहले पीडि़त व्यक्ति को सस्ते में सोना देने का लालच देकर जाल में फंसाया। सोने का सेंपल भी दिखाया। फिर उसे सोना खरीदने के लिए 37 लाख रुपए लेकर धरमपुर बुलाया। उसके पास से 37 लाख रुपए और पर्स में रखे दो लाख रुपए सहित 39 लाख रुपए ले लिए लेकिन सोना नहीं दिया। इस बीच इस गिरोह के अन्य साथियों ने खुद को पुलिस कर्मचारी बताते हुए घटनास्थल पर दबिश दी और सोना व राशि लेकर फरार हो गए।