
आंखों संबंधित सर्जरी में 60 फीसदी की कमी
अहमदाबाद. कोरोना काल में लगभग सब कुछ प्रभावित हुआ है। शहर के सरकारी सिविल अस्पताल के आंख विभाग की बात की जाए तो वहां भी पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पांच माह में 60 फीसदी से भी कम फंडस फ्लूरोरेसेन एंजियोग्राफी (एफएफए) की गई हैं। ऑपरेशन में भी कमी आई है।
शहर के शाहीबाग क्षेत्र स्थित सरकारी आंख अस्पताल के पर्दा (रेटीना) विभाग में आंख के पर्दा के उपचार के लिए मार्च माह में 50 एफएफए की गईं। इस जांच से पर्दा की स्थिति को परखा जाता है। मार्च से लेकर जुलाई तक अस्पताल में 234 मरीजों की एफएफए की गई। जबकि 92 लेसर से ऑपरेशन किए गए। दूसरी ओर कोरोना काल की बात की जाए तो मार्च से अब तक 71 एएफएफए की गई और 96 लेसर से ऑपरेशन किए गए। विभागाध्यक्ष डॉ. सोमेश अग्रवाल ने बताया कि कोरोना के कारण यह असर हुआ है। उन्होंने कहा कि अस्पताल की निदेशक डॉ. हंसा बेन ठक्कर की अगुवाई में फिर से आंख संबंधित उपचार की गतिविधियां बढ़ गईं हैं। अगस्त माह से एक बार फिर उसी तरह से ट्रीटमेंट के लिए लोग आने लगे हैं जिस तरह से आम दिनों में आते हैं। अनलॉक के बाद से धीरे-धीरे गाड़ी पटरी पर आई है और दूर-दूर से मरीज आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि लेसर और एफएफए ही नहीं लॉक डाउन के दौरान तो उपचार पर मानो ब्रेक ही लग गया था। इमरजेंसी में ही लोग आते थे। अनलॉक के कुछ दिनों तक भी अन्य बड़े ऑपरेशन लगभग पचास से साठ फीसदी कम हुए हैं।
ये हैं लेसर और एफएफए
वर्ष 2019 लेसर एफएफए
मार्च 54 50
अप्रेल 00 47
मई 00 44
जून 09 29
जुलाई 29 29 54
वर्ष 2020 लेसर एफएफए
मार्च 55 26
अप्रेल 00 00
मई 00 01
जून 10 04
जुलाई 31 40
Published on:
28 Aug 2020 10:28 pm
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