अहमदाबाद. शहर के सिविल मेडिसिटी कैंपस स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिसिज एंड रिसर्च सेंटर (आईकेडीआरसी) में पिछले 20 वर्ष कार्यरत प्रवीण परमार (40) के अंगों से तीन लोगों को नया जीवन मिल गया। उनके ये अंग आईकेडीआरसी में ही जरूरतमंदों को प्रत्यारोपित किए। पिछले दिनों ब्रेन हेमरेज होने के कारण उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया। सिविल अस्पताल में प्रवीण परमार 131वें ब्रेनडेड अंगदाता बने हैं।
अहमदाबाद के असारवा क्षेत्र में रहने वाले प्रवीण परमार पिछले 20 वर्ष से आईकेडीआरसी में वेल्डिंग का काम करते थे। गत पांच सितम्बर को प्रवीण एकाएक ब्रेन हेमरेज हो गए थे। उपचार के लिए उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां 48 घंटे के उपचार के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ था। चिकित्सकों ने जरूरी जांच की तो पता चला कि प्रवीण ब्रेन डेड हैं। प्रवीण के भाई मनोज परमार समेत परिजनों ने अंगदान का निर्णय किया। प्रवीण के साथ-साथ उनके भाई मनोज और भाभी भी किडनी अस्पताल में ही वर्षों से सेवा दे रही हैं। इन सभी ने परोपकार की भावना से अंगदान का निर्णय किया। प्रवीण की दो किडनी और लिवर का दान किया गया।अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी के अनुसार जागरूकता के परिणाम स्वरूप लोग अंगदान के लिए आगे आ रहे हैं। जिस व्यक्ति ने 20 वर्ष तक आईकेडीआरसी में सेवा दी, उसी में उसने अंगदान भी किया।