आणंद कृषि यूनिवर्सिटी में बैठक आयोजित
आणंद. केन्द्रीय मत्स्योद्योग, पशुपालन और डेयरी मंत्री परसोत्तम रूपाला ने कहा कि पशु चिकित्सक पशुओं के इलाज में महत्व की भूमिका निभाएं। समय की मांग है कि वे अब चिकित्सक ही नहीं बल्कि एक उद्यमी की तरह काम करें। उन्होंने चिंता जताई कि पशुओं के बीमार होने या उन्हें तकलीफ होने पर पशुपालक आज भी अंधविश्वास आधारित इलाज करते हैं। इससे पशुओं को उचित इलाज नहीं मिल पाता है। पशुओं को सही इलाज मिले इसमें पशु चिकित्सकों की बड़ी भूमिका है। रुपाला ने कहा कि मूक पशुओं की आंखों के आंसू पोंछने की जरूरत है। पशुओं के उपचार-सेवा की अवगणना नहीं करने की बात कहते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को इसे अपना सौभाग्य समझने की
अपील की।
रूपाला पशुओं की चिकित्सा के लिए न्यूनतम मानक और नीति-नियम तय करने के लिए आणंद कृषि यूनिवर्सिटी में आयोजित पश्चिम विभाग की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री रूपाला ने कहा कि देश में हरित और श्वेत क्रांति के बाद कीटनाशक के कम इस्तेमाल के लिए किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर ले जाने के लिए केन्द्र और राज्य सरकार काम में जुटी है। देश की अर्थव्यवस्था में गोधन का महत्व है। सहकारिता क्षेत्र में अमूल के योगदान की सराहना करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि अमूल रोजाना ढाई करोड़ लीटर दूध का संग्रह करता है। अमूल के माध्यम से गुजरात की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रोजाना 125 करोड़ रुपया पहुंचता है। रुपाला ने कहा कि दूध के उत्पादन बढ़ाने के लिए दूधारू पशुओं की नश्ल में सुधार समय की मांग है। इसके लिए पशु चिकित्सा क्षेत्र में बदलाव लाने की जरूरत है।
नई नीति शीघ्र : पटेल
इस अवसर पर आणंद के सांसद मितेश पटेल ने कहा कि भारत सरकार की ओर से पशुओं के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए शोध समेत कई कार्य किए जा रहे हैं। इसके लिए पशु चिकित्सक और विशेषज्ञ समग्र देश का प्रवास कर रहे हैं। केन्द्र सरकार की ओर से पशु चिकित्सा क्षेत्र में नई पॉलिसी भी बनाई जा रही है।
इस अवसर पर सांसद ने अपने सांसद निधि से कामधेनू यूनिवर्सिटी के पशुपालन व वेटनरी हसबेंडरी में एम्बुलेंस वैन खरीदी के लिए 18.47 लाख रुपए का चेक अर्पित किया। बैठक में यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ एन एच केलावाला, वेटनरी काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट डॉ उमेश चंद्र शर्मा, एनडीडीबी के चेयरमैन मिनेश शाह, डॉ फाल्गुनीबेन ठाकर, डॉ होना गोपाल, डॉ मनोज ब्रह्मभट्ट समेत महाराष्ट्र, राजस्थान, गोवा, मध्यप्रदेश, दादरा नगर हवेली आदि राज्यों के पशुपालन अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।