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अंबाजी मेले में आने वाले भक्तों के विश्राम के लिए पांडाल की व्यवस्था

भादरवी पूर्णिमा का महामेला : जय जय अंबे के नाद  

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अंबाजी मेले में आने वाले भक्तों के विश्राम के लिए पांडाल की व्यवस्था

अंबाजी मेले में आने वाले भक्तों के विश्राम के लिए पांडाल की व्यवस्था

पालनपुर. भादरवी पूूर्णिमा के मेले को लेकर बनासकांठा जिले की दांता तहसील के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल अंबाजी में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। आरासुरी अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट व जिला प्रशासन की ओर से सोमवार से इस मेले में बड़ी संख्या में पदयात्री व श्रद्धालु अंबाजी आ रहे हैं। रास्तों पर गरबा के साथ श्रद्धालु व पदयात्री मां अंबा के रथ और ध्वजा के साथ आगे बढ़ते दिख रहे हैं। इस साल गर्मी से राहत मिलने के कारण भक्तों में उत्साह है। गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड की ओर से पदयात्रियों के आराम और विश्राम के लिए 5 विशाल पांडाल लगाए गए हैं। पेयजल, स्वास्थ्य, रोशनी और सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।

पहाडिय़ों में बह रहा भक्ति रस

दांता-अंबाजी क्षेत्र की पहाडिय़ों में चारों ओर भक्तों की चहल-पहल आरंभ हो गई है। दूर-दूर से पदयात्री बोल मारी अम्बे-जय जय अम्बे... के नाद के साथ अंबाजी की पहाडिय़ों पर चढ़ रहे हैं। पद यात्री संघ में आने वाले श्रद्धालु श्रद्धा से मां अंबा के रथ को खींचकर गरबा करते हुए भक्ति रस बहाते हुए अंबाजी की ओर बढ़ रहे हैं।
सडक़ों के किनारे कई जगहों पर विभिन्न सेवा केंद्रों में चाय-पानी, नाश्ता, दोपहर का भोजन और आराम की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। अंबाजी मंदिर के चाचर चौक पर भक्त मां अंबाजी की जय-जयकार कर रहे हैं। कई तीर्थयात्री मंदिर के शिखर पर ध्वजा चढ़ा रहे हैं। दर्शन के बाद मंदिर से बाहर आने वाले श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी और संतोष का भाव देखा जा रहा है।

100 से ज्यादा दिव्यांग यात्रियों ने व्हील चेयर व ई-रिक्शा से किए मां अंबा के दर्शन

पालनपुर. आरासुरी अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट व जिला प्रशासन की ओर से मेले में आने वाले दिव्यांग, बुजुर्ग यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था की है।
ऐसे 104 यात्रियों ने मेले में ई-रिक्शा और व्हीलचेयर से मां अंबा के दर्शन किए। बुजुर्गों, दिव्यांग यात्रियों ने ट्रस्ट व प्रशासन की संवेदनशीलता की सराहना की।
मां अंबा में आस्था रखने वाले एक दिव्यांग अपनी तिपहिया साइकिल से एक दिव्यांग भी मेले में मां अंबा के दर्शन करने के लिए पूरे जोश के साथ अंबाजी की ओर बढ़ रहे हैं।

ग्रामीण विकास मंत्री चौहाण ने किए अंबाजी मंदिर में दर्शन

पालनपुर. मेले के अवसर पर प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण आवास विभाग मंत्री अर्जुनसिंह चौहाण ने अंबाजी में मां अंबा के मंदिर में दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में मां अंबा के समक्ष शीश झुकाकर गुजरात की सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। आरासुरी अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट की ओर से मंदिर के मंदिर निरीक्षक सतीश गढ़वी ने माताजी का खेस पहनाकर चौहाण का स्वागत किया।

मुख्य सचिव पंकज कुमार ने अंबाजी मंदिर में लिया आशीर्वाद

पालनपुर. प्रदेश के मुख्य सचिव पंकज कुमार ने मेले के दौरान अंबाजी मंदिर में दर्शन किए और मां अंबा से आशीर्वाद लिया।

हादसे में घायल पदयात्री को उप डीडीओ ने पहुंचाया स्वास्थ्य केंद्र

पालनपुर. अंबाजी के मेले में जा रहे एक पदयात्री को हड़ाद रोड पर अज्ञात बाइक की टक्कर से घायल होने पर उप जिला विकास अधिकारी (उप डीडीओ)(पंचायत) ने हड़ाद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाया।
मेले की स्वच्छता समिति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे उप डीडीओ ने सडक़ों की सफाई की जांच के दौरान पदयात्री को घायल देखा। उन्होंने उसे सरकारी वाहन में हड़ाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर उपचार करवाया।

बिछुडऩे वाले बच्चों के लिए मातृ मिलन प्रोजेक्ट में व्यवस्था

पालनपुर. मेला में बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। पदयात्रियों के बिछुडऩे वाले बच्चों के लिए मातृ मिलन प्रोजेक्ट के तहत व्यवस्था की गई है।
आरासुरी अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष सह बनासकांठा जिला कलक्टर आनंद पटेल के मार्गदर्शन में ‘बच्चे की सुरक्षा के लिए हम सब जिम्मेदार हैं’ नारे के साथ मातृ मिलन प्रोजेक्ट के तहत जिला बाल सुरक्षा इकाई, चाइल्ड लाइन-1098, पुलिस विभाग की ओर से अंबाजी के प्रवेश मार्गों व विभिन्न मार्गों पर होर्डिंग लगाए गए हैं। निर्धारित स्थान पर पदयात्रियों के बच्चों को आवश्यक जानकारी सहित कार्ड दिए जा रहे हैं।
बिछुडऩे पर मिलने वाले ऐसे बच्चों को निर्धारित स्टाल पर ले जाकर कार्ड को स्केन करने के बाद ऐसे बच्चों के माता-पिता के मोबाइल नंबर पर बच्चे की लोकेशन वाला मैसेज भी भेजा जाएगा। इसके अलावा ऐसे बच्चे की लगातार मुख्य नियंत्रण बिंदु से घोषणा की जाती है और अंबाजी में स्थापित सभी एलईडी स्क्रीन पर बच्चे के नाम व विवरण के साथ बच्चे का लगातार सीधा प्रसारण किया जाता है, ताकि मेले में बच्चे के अभिभावक बच्चे को देख सकें और बच्चे को लेने आ सकें।