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चरस तस्करी मामले में 17 साल से फरार कैदी जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार

वडोदरा. वडोदरा क्राइम ब्रांच ने “ऑपरेशन कारावास-02” के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 17 वर्षों से फरार चल रहे एक सजायाफ्ता कैदी को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को उसकी शेष सजा पूरी करने के लिए वडोदरा मध्यस्थ जेल के हवाले कर दिया गया है।
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अहमदाबाद

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Rajesh Bhatnagar

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Updated: 23 Jun 2026, 10:08 PM IST

Convict absconding for 17 years in charas smuggling case arrested in Jammu & Kashmir

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।

वडोदरा क्राइम ब्रांच ने पकड़ा

वडोदरा. वडोदरा क्राइम ब्रांच ने “ऑपरेशन कारावास-02” के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 17 वर्षों से फरार चल रहे एक सजायाफ्ता कैदी को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को उसकी शेष सजा पूरी करने के लिए वडोदरा मध्यस्थ जेल के हवाले कर दिया गया है।
क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि आणंद रेलवे पुलिस स्टेशन में वर्ष 2003 में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में 10 वर्ष की सजा प्राप्त कैदी मोहम्मद अशरफ गुलाम मोहम्मद लोन, जो वर्ष 2009 में पैरोल पर रिहा होने के बाद जेल वापस नहीं लौटा था, जम्मू-कश्मीर में रह रहा है। आरोपी को 30 नवंबर 2009 को 10 दिन की पैरोल मिली थी और उसे 11 दिसंबर 2009 को वडोदरा जेल में उपस्थित होना था, लेकिन वह फरार हो गया था।
तकनीकी निगरानी और मानव स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने पता लगाया कि आरोपी जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड क्षेत्र में रह रहा है तथा भद्रागुंड गांव में हार्डवेयर की दुकान चला रहा है। इसके बाद टीम जम्मू-कश्मीर पहुंची और गुप्त निगरानी शुरू की। 21 जून 2026 को आरोपी को उसकी दुकान के पास से सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया।
प्राथमिक पूछताछ में सामने आया कि वर्ष 2003 में आणंद में 10 किलोग्राम चरस के साथ पकड़े जाने के बाद उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। 19 फरवरी 2004 को सत्र न्यायालय ने उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। जेल में सजा काटने के दौरान वह पैरोल पर बाहर आया और फिर फरार हो गया था।
क्राइम ब्रांच की टीम ने करीब 4,000 किलोमीटर की यात्रा कर जम्मू-कश्मीर में स्थानीय वेशभूषा अपनाकर और स्थानीय लोगों के बीच घुल मिलकर आरोपी का पता लगाया। लंबी और सावधानीपूर्वक कार्रवाई के बाद टीम ने फरार कैदी को गिरफ्तार कर वडोदरा जेल भेज दिया।